फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फूलका बोले- बैंस बंधु, खैरा और नवजोत सिद्धू विधायकी छोड़ें, फिर से सरकार पर बनाएं दबाव

Sun, 11 Aug 2019 12:12 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
एचएस फूलका - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

सीनियर एडवोकेट और आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक एचएस फूलका ने विधायक पद से अपना इस्तीफा मंजूर होने के बाद शनिवार को मीडिया से रूबरू होकर कहा कि जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में बेअदबी को लेकर जो खुलासे हुए थे, उन्हें ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।

विज्ञापन


श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ रोष स्वरूप विधायकी छोड़ने वाले फूलका ने कहा कि उनके साथ ही जिन्होंने विधानसभा में बेअदबी का मुद्दा उठाया था, वे छह विधायक भी अपने पद छोड़ दें।

इसे भी पढ़ें- पंजाब विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार किया एचएस फूलका का इस्तीफा, दी थी सुप्रीम कोर्ट जाने की धमकी
विज्ञापन


फूलका ने कहा कि बेअदबी मामले की जांच रिपोर्ट को कांग्रेस सरकार तो भुला ही रही है, बादल परिवार भी इस कोशिश में है कि लोग इस मामले को भूल जाएं। उन्होंने कहा कि वे ऐसा नहीं होने देंगे और जब तक बेअदबी मामलों के दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, वह चुप नहीं बैठेंगे। फूलका ने आरोप लगाया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार जस्टिस रणजीत सिंह की रिपोर्ट को छिपा रही है। 

वह नहीं चाहती कि जनता के सामने सच्चाई आए। उधर बादल परिवार धार्मिक समागमों में बढ़कर हिस्सा ले रहा है, ताकि लोगों का ध्यान बेअदबी के मामलों से हटाया जा सके और बादल परिवार इन मामलों से पाक साफ निकल जाए। फूलका ने कहा कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट लोगों का ध्यान भटकाने का ही एक जरिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल फ्रेंडली मैच खेल रहे हैं।

फूलका ने आगे कहा कि बेअदबी मामलों को लेकर विधानसभा में शोर मचाने वाले विधायक भी चुप्पी साधे हुए हैं। विधानसभा में नवजोत सिंह सिद्धू रो रहे थे, झोली फैला रहे थे।

यह भी पढ़ें- हेलमेट न पहनने की आदत ने ली भाई की जान, बहन बोली-खरीदी थी पसंद की राखी, अब किसे बांधूंगी 

उन्होंने कहा कि नवजोत सिद्धू के अलावा सुखपाल सिंह खैरा, लोक इंसाफ पार्टी के बैंस बंधु और कांग्रेस विधायक हरमिंदर सिंह गिल, रमनजीत सिक्की ने भी सदन में जांच की जोरदार मांग उठाई लेकिन आज तक उसमें क्या हुआ। फूलका ने इन विधायकों से आह्वान किया कि वे अपने पदों का मोह त्याग कर इस्तीफे दें और फिर से सरकार पर दबाव बनाएं।

सरकार से मिले वेतन-भत्ते फ्री मेडिकल मोबाइल वैन पर लगाए
यह पूछे जाने पर कि विधायक पद से इस्तीफा देकर क्या उन्होंने अपने हलके के मतदाताओं से विश्वासघात नहीं किया, फूलका ने कहा कि वे अपने हलके के लिए काम करते रहे हैं और उनके हलके के लोग भी चाहते हैं कि बेअदबी के दोषियों को सजा मिले। उन्होंने अपने हलके के गांवों में मोबाइल मेडिकल वैन की शुरुआत की है, जो आज भी जारी है।
विज्ञापन

इस पर तीन लाख रुपये मासिक खर्च आ रहा है, जिसके लिए वह सरकार से कोई पैसा नहीं ले रहे और उन्हें अब तक वेतन-भत्तों के रूप में मिला पैसा, उन्होंने इस वैन के संचालन में लगा दिया है। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र दाखा में फ्री मेडिकल मोबाइल वैन शुरू की हुई है। इसमें अब तक 65000 से अधिक मरीज जांच और इलाज करा चुके हैं। वहीं 800 नशे से पीड़ित मरीज भी उनकी मोबाइल वैन से लाभ ले रहे हैं।

न कोई पार्टी बनाऊंगा और न ही चुनाव लड़ूंगा
पत्रकारों से सवालों के जवाब में फूलका ने साफ किया कि वह बिना किसी राजनीतिक पद के जनता की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे न तो कोई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे और न ही चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक लाभ लेने की मंशा नहीं हैं। केवल जनता की सेवा करने की भावना है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें