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ऐसा होगा HSGPC का स्वरूप, ये-ये होंगे अधीन?

Fri, 04 Jul 2014 03:56 PM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा की अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का प्रदेश सरकार जो मसौदा तैयार कर रही है उसमें प्रदेश का अपना गुरुद्वारा चुनाव आयोग गठित करने का प्रस्ताव है। यह आयोग ही वार्डों की संख्या और परिसीमन तय करेगा।
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मसौदे के लिए प्रस्तावित विधेयक का चैप्टर छह ‘द हरियाणा सिख गुरुद्वारा ज्यूडिशियल कमीशन’ से संबंधित है। इसमें बताया गया है, ‘एक हरियाणा सिख गुरुद्वारा ज्यूडिशियल कमीशन गठित किया जाएगा। जिसमें तीन सदस्य होंगे, जो सिख होंगे। उनकी नियुक्ति राज्य सरकार आधिकारिक गजट अधिसूचना के जरिए होगी।

रिटायरमेंट या इस्तीफा देते समय जिला जज का बतौर 10 साल का अनुभव रखने वाला, जिला मुख्यालय या हाईकोर्ट में 10 साल तक की वकालत का अनुभव रखने वाला, जिला अदालत या हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से 10 साल तक की पैरवी करने का अनुभव रखने वाला को इस आयोग का चेयरमैन या सदस्य बनने को योग्य माना जाएगा।
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राज्य सरकार के खजाने से चुकाया जाएगा खर्च

चेयरमैन और सदस्यों की शर्तें राज्य सरकार गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सहमति के साथ तय करेगी। वेतन, भत्ते और नियुक्ति की शर्तें भी राज्य सरकार गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सहमति से तय करेगी।

आयोग और स्टाफ का खर्च राज्य सरकार के खजाने से चुकाया जाएगा। यह आयोग गुरुद्वारा चुनाव आयुक्त, हरियाणा सरकार और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी या एग्जीक्यूटिव बोर्ड के मामले में कारपोरेट बाडी होगी और स्वतंत्रता से काम करेगी। आयोग वार्डों की संख्या तय करेगा, वार्डबंदी करेगा और चुनाव कराएगा। अपीलों की सुनवाई भी आयोग के पास होगी।

सहजधारी सिखों को भी वोट का अधिकार मगर...

प्रस्तावित विधेयक में सहजधारी सिखों को भी वोट का अधिकार देने का प्रावधान किया जा रहा है मगर कुछ शर्तों के साथ। सहजधारी सिख की परिभाषा के अनुसार, ‘सहजधारी सिख मतबल एक व्यक्ति जो सिख सिद्धांतों के अनुसार अपनी रस्में पूरी करता हो, तंबाकू या कत्था (हलाल मीट) का प्रयोग न करता हो, पतित न हो और मूल-मंत्र की व्याख्या कर सकता हो।’

उसे स्थानीय गुरुद्वारा कमेटी या ग्रंथी से यह प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा कि वह सिख सिद्धांतों में विश्वास रखता है और एक वोटर बनने केयोग्य है, वही सहजधारी सिख गुरुद्वारा चुनाव में वोट डाल सकेगा।

प्रस्तावित विधेयक में हरियाणा के गुरुद्वारे

20 लाख से ज्यादा आमदनी वाले गुरुद्वारे: गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब, अंबाला शहर, गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब, पातशाही आठवीं, अंबाला, गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, जींद, गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, धमतान साहिब (जींद), गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी, कुरुक्षेत्र, गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब, पातशाही दसवीं, पंचकूला, गुरुद्वारा गुरु गोबिंद साहिब, कपाल मोचन, तहसील जगाधरी, गुरुद्वारा कपाल मोचन, तहसील जगाधरी। इसके अलावा एक लाख रुपये से ज्यादा आमदनी वाले 44 गुरुद्वारे हैं।
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विधानसभा का सत्र 11 जुलाई को बुलाया

हरियाणा विधानसभा का सत्र 11 जुलाई को शुरू होगा। माना जा रहा है कि इस विधानसभा सत्र में हरियाणा की अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का विधेयक पारित होगा।

आगामी छह जुलाई को कैथल के सिख सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अलग कमेटी का ऐलान कर सकते हैं। ऐलान होने के बाद कानूनी अमलीजामा तभी पहनाया जाएगा जब विधानसभा में विधेयक पारित होगा।
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