बहिबल कलां गोलीकांड की जांच करते अफसर
बहिबल कलां गोलीकांड में गिरफ्तार पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह को अब अमृतसर ले जाया गया है। वहीं इसके जरिए पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। आपस में कड़ियां जोड़ी जा रही हैं ताकि यह सामने आ सके कि पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह ने किसने आदेश पर निहत्थे सिंहों पर गोलियां बरसाने का आदेश दिया था। एसआईटी के अधिकारी खुलकर बोल नहीं रहे हैं लेकिन सूत्रों के मुताबिक, चरणजीत सिंह के जरिए रास्ता तैयार किया जा रहा है, जो पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी तक पहुंचेगा।
जस्टिस रणजीत सिंह ने अपनी रिपोर्ट में माना था कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को बरगाड़ी बेअदबी कांड, बहिबल कलां व कोटकपूरा इलाकों में हुई घटनाओं की पूरी जानकारी थी। आयोग ने कॉल डिटेलों और बयान के आधार पर आशंका जताई थी कि न सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री बल्कि उनके स्पेशल सचिव गगनजीत सिंह बराड़, डीजीपी सुमेध सैनी, आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, कोटकपूरा के तत्कालीन एमएलए मंतार बराड़ को बहिबल कलां गोलीकांड की घटना के बारे में पूरी जानकारी थी।
बेअदबी मामलों की जांच के लिए कैप्टन सरकार द्वारा गठित रणजीत सिंह आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कोटकपूरा व बहिबल कलां में गोली चलाने वाले पुलिस अफसरों के नाम उजागर किए थे लेकिन उन पुलिस अफसरों को गोली चलाने के आदेश दिए किसने, इसको लेकर कोई स्पष्ट बात रिपोर्ट में नहीं कही गई। एसआईटी इसी पर फोकस कर रही है। प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल से अलग-अलग पूछताछ करने के बाद भी एसआईटी यह नहीं जान पाई कि कोटकपूरा और बहिबलकलां में पुलिस को गोली चलाने के आदेश किसने दिए थे।
प्रकाश सिंह बादल ने जहां गोली चलाने के आदेश देने से साफ इंकार किया, वहीं सुखबीर बादल ने यह कहकर मामले से पल्ला झाड़ लिया है कि वे घटना के समय राज्य से बाहर थे। ऐसे में एसआईटी के सामने चरणजीत ही एक रास्ता था, जो उनको मंजिल तक पहुंचा सकता है। चरणजीत सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब अगला निशाना पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी हो सकते हैं। पूर्व एसएसपी पर पूर्व डीजीपी सैनी का पूरा वरदहस्त था। उच्चस्तरीय अधिकारियों के मुताबिक, एसआईटी जल्द ही तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी को पूछताछ के लिए समन कर सकती है।
एसआईटी के पास पुख्ता सबूत हैं कि घटना के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री से डीजीपी देर रात तक फोन के जरिए संपर्क में थे। पुलिस दूसरे किसी आला अफसर के आदेश के बिना लोगों पर फायरिंग जैसा फैसला नहीं ले सकती।