हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह के भतीजे अकांक्ष सेन की हत्या के मामले में यूटी पुलिस ने हाईकोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट सौंप दी। सीलबंद रिपोर्ट को देखने के बाद हाईकोर्ट ने इसे दोबारा सील करने के आदेश दिए। मामले की सीबीआई जांच कराए जाने के मामले पर यूटी पुलिस ने बताया कि मामले का ट्रायल अंतिम चरण पर है। 9 फरवरी 2017 को अकांक्ष सेन की बीएमडब्ल्यूए कार से कुचल कर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले का मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा अभी भी फरार है। ट्रायल कोर्ट उसे भगोड़ा करार दे चुकी है। हत्याकांड के अन्य आरोपी हरमेहताब सिंह राड़ेवाले को पुलिस ने गत वर्ष 16 फरवरी को ही गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले को लेकर 9 फरवरी को सेक्टर 3 थाने में अकांक्ष सेन की हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा-302 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई से करवाने के लिए हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी।
याचिका पर सुनवाई के दौरान जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके बाद जांच सीबीआई को किसने और किस अधिकार से सौंपी इस पर बहस शुरू हुई, जिसके बाद जांच सीबीआई को सौंपने का मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। इसके बाद मामले में भगोड़े को पकड़ने के लिए हाईकोर्ट ने सीबीआई को चंडीगढ़ पुलिस की मदद के आदेश दिए थे। मामले में पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने इस केस के ट्रायल की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी।
मंगलवार को हाईकोर्ट को बताया गया कि मामले का ट्रायल लगभग अपने अंतिम चरण में है और इसकी सुनवाई जून के प्रथम सप्ताह में रखी गई है।