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नौकरी में प्रमोशन चाहिए तो करें शनिदेव का अभिषेक

Sun, 02 Mar 2014 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सेक्टर-30 स्थित श्री महाकाली मंदिर में भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि शनिवार दोपहर एक बजकर 29 मिनट तक अमावस्या रहेगी। शनिवार सुबह सूर्योदय का समय लग्न और कुंभ राशि है। कुंभ का स्वामी शनि है। नक्षत्र शतभिषा है। इसका स्वामी राहु है। राहु काल का समय सुबह नौ से सुबह साढ़े दस बजे तक है। राहु काल में पूजा नहीं करनी चाहिए। वहीं श्री राधा कृष्ण मंदिर सेक्टर-18 के पुजारी लाल बहादुर दुबे ने बताया कि जिनकी कुंडली में शनि नीच का हो और उनकी महादशा में अंतर्दशा चल रही हो, साथ ही शनि की साढ़े साती और ढैय्या चल रही हो उसके लिए यह उपाय बहुत जरूरी है।
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ऐसे करें शनिदेव का अभिषेक

शनि अमावस्या को शनिश्चरी अमावस्या कहते हैं। शनि अमावस्या के दिन भगवान शनिदेव का पूजन सहस्रनाम का पाठ करना उचित रहेगा। काले तिल से शनिदेव का अभिषेक करना बहुत ही शुभ माना गाया है। यदि कोई सहस्रनाम का पाठ न कर सके तो सवा मीटर काले कपड़े के चारों कोनों में काला तिल, आठ लोहे की कील, काला या नीला साबुन और पानी से भरा नारियल और बीच में सवा किलो उड़द और सरसों का तेल रखकर पोटली बना उसे सिर पर घुमाकर डकौत को देना चाहिए। साथ ही लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरकर अपनी छाया देखकर देने से आपकी कई परेशानियां समाप्त हो जाएंगी।
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