हरियाणा के हिसार में फ्लाइंग स्कूल चलाने के लिए एमओयू किया जा चुका है। साथ ही हिसार हवाई अड्डे पर भी सेना और वायुसेना के विमानों की रिपेयरिंग की जा सकेगी। केंद्र की ओर से यदि हरियाणा सरकार द्वारा भेजा गया प्रस्ताव स्वीकृत कर लिया गया तो यह दोनों काम बहुत जल्दी शुरू हो जाएंगे। इसके लिए हरियाणा की ओर से केंद्र सरकार से अनुरोध किया जा चुका है। इस संदर्भ में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला विगत दिनों दिल्ली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिले थे। नागरिक उड्डयन विभाग का प्रभार संभाल रहे दुष्यंत ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से चर्चा भी की।
दुष्यंत ने उड्डयन विभाग के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित हवाई अड्डा परियोजना पर समीक्षा भी की। हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि तीन चरणों में विस्तार किया जाना है। पहले चरण में हवाई पट्टी की लंबाई 3600 फुट से बढ़ाकर 4200 फुट की जाएगी तथा इसे 12,000 फुट तक बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हिसार हवाई अड्डे पर वायु सेना व सेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों की सर्विस के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का मेंटेनेंस, रिपेयर और ऑवरहॉल (एमआरओ) हब स्थापित करने का अनुरोध हरियाणा सरकार की ओर से पहले ही किया जा चुका है। हिसार में करीब तीन हजार एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध है। इसके अलावा, हिसार दिल्ली से लगभग 160 किलोमीटर की दूरी पर है और राष्ट्रीय राजमार्ग 10 के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी से जुड़ा हुआ है।
इसके अलावा स्पाइस जेट ने गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ हिसार में फ्लाइंग स्कूल चलाने के लिए एमओयू किया जा चुका है और हरियाणा की दो लड़कियों को स्पाइस जेट फ्लाइंग प्रशिक्षण निशुल्क देगा तथा हरियाणा के युवाओं को 50 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट भी देगा। उन्होंने बताया कि तीसरे चरण में इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम स्थापित करने से रात में भी हवाई जहाजों को उड़ान भरने की सुविधा उपलब्ध होगी और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट की सुविधा भी हिसार में उपलब्ध हो सकेगी।