पंजाब में आटे की किल्लत हो गई है। अधिकतर आटा मिलों में काम ठप पड़ा है। मिल संचालकों के पास गेहूं का स्टॉक नहीं है। दरअसल, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के माध्यम से मिलों में पहुंचने वाले सस्ते गेहूं की आवक ठप पड़ी है।
केंद्र सरकार ने गेहूं के ओपन मार्केट सेल स्कीम (ओएमएसएस) को जारी नहीं किया है। इससे एफसीआई के ऑनलाइन टेंडर लटक गए हैं। इसका असर बाजार में आटे के दाम पर पड़ा है। चक्की में प्रति किलो आटे के दाम में आठ से दस रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, ब्रांडेड कंपनियों ने प्रति किलो 15 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। एफसीआई का दावा किया है कि जल्द ही टेंडर खोल दिए जाएंगे, लेकिन जानकारों का कहना है कि गेहूं की कीमते अभी नीचे नहीं आएंगी। फरवरी में दाम और बढ़ सकते हैं। नई फसल आने पर ही दाम नीचे आने के आसार हैं। एफसीआई हर सप्ताह ओपन मार्केट स्कीम के तहत ऑनलाइन टेंडर जारी कर गेहूं को बेचता है। इस गेहूं को मिल मालिक और ट्रेडर्स खरीदते हैं। बाद में इसे आटा चक्की संचालक खरीदते हैं।
कालाबाजारी की आशंका
लुधियाना। आटे की किल्लत और रेट बढ़ने से कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है। पंजाब के आटा मिल संचालक सुनील कुमार, हरवीर सिंह और जसविंदर सिंह ने बताया कि यदि केंद्र सरकार ने जल्द ही कदम नहीं उठाया तो आटे के रेट में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।
मैदा व ब्रेड के दाम बढ़े
आटे के दाम में बढ़ोतरी का असर अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ सकते हैं। खुदरा बाजार में मैदा के दाम में प्रति किलो दस रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पंजाब में विभिन्न ब्रांड की ब्रेड भी पांच रुपये तक महंगी हो गई है। यदि जल्द ही आटे के दाम पर लगाम नहीं कसी गई तो अन्य चीजें भी महंगी हो सकती है।
पंजाब के पास 116.32 एलएमटी खाद्यान उपलबध है
एफसीआई पंजाब के चंडीगढ़ स्थित उपमहानिदेशक (सामान्य) सीएच घनश्याम ने बताया कि निगम के पंजाब स्थित गोदामों में 116.32 मीट्रिक लाख टन (एमलटी) खाद्यान मौजूद है। इसमें गेहूं के अलावा चावल भी शामिल है। पीडीसी के लिए खाद्यान की कोई कमी नहीं है। केंद्र की ओर से पॉलिसी रिलीज नहीं की गई है। इसके जारी होते ही ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत ऑनलाइन टेंडर खोल दिए जाएंगे।
यहां इतने रुपये बढ़ गए आटे के दाम (प्रति 10 किग्रा)
शहर आटा पहले (ब्रांडेड) अब (औसत)
लुधियाना 320 350
चंडीगढ़ 300 350
पंचकूला 340 360
मोहाली 340 390
एफसीआई की ओर से गेहूं की आपूर्ति नहीं होने से बाजार में गेहूं और आटे की दामों में उछाल आया है। टेंडर जारी नहीं होने से मिल मालिकों को बाजार से महंगे दामों पर गेहूं खरीदना पड़ रहा है। -
सुनील गुप्ता, वाइस प्रेसिडेंट, ग्रेन मार्केट एसोसिएशन चंडीगढ़
केंद्र सरकार एफसीआई को तत्काल गेंहू के टेंडर खोलने के आदेश जारी करे ताकि मिल मालिकों व ट्रेडर्स को गेहूं मिल सके। यदि केंद्र सरकार ने जल्दी कदम नहीं उठाए तो लोगों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
- विजय सूद, प्रधान आटा चक्की एसोसिएशन लुधियाना