श्रीनगर में बाढ़ अब कहर बरपाने लगी है। श्रीनगर के हास्पिटलों में पानी भर गया है। अधिकतर हास्पिटल बंद हो चुके हैं। इससे गंभीर मरीजों पर आफत टूट पड़ी है। श्रीनगर से एयरफोर्स के विमान से चंडीगढ़ पहुंचे 65 वर्षीय फतेह मोहम्मद की किडनी खराब है। हास्पिटल बंद हो जाने से उनकी डायलिसिस भी रुक गई है।
वे पिछले तीन दिन से परेशान थे। परिजन उन्हें श्रीनगर के कई हास्पिटल में लेकर गए, लेकिन जहां भी जाते, उन्हें हास्पिटल बंद ही मिलता। दिन-ब-दिन उनकी तबियत बिगड़ती जा रही थी। परिजनों ने श्रीनगर एयरफोर्स के आफिसरों से बातचीत की। अधिकारियों ने तुरंत उन्हें अपने विमान पर चढ़ा दिया और उन्हें शाम साढ़े सात बजे चंडीगढ़ लेकर आ गए।
एयरफोर्स के रिलीफ कैंप में उन्हें नाश्ते करवाकर आर्मी के वैन से मोहाली के फोर्टिस हास्पिटल ले गए। गुलजार का कहना है कि श्रीनगर में दो मुख्य हास्पिटल हैं। फ्लोरेंस और खाइबर। दोनों के सेकेंड फ्लोर पानी से पूरी तरह से डूब चुके हैं।
डेढ़ महीने की सैलरी छोड़कर आ गए
श्रीनगर के हुमामा चौक में अपने साथियों के साथ रह रहे अवधेश प्रसाद ने बताया कि वे पिछले छह दिन से फंसे हुए थे। स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई भी मदद नहीं मिल रही थी।
जब उन्हें पता चला कि श्रीनगर एयरफोर्स से प्रभावितों को लेकर चंडीगढ़ पहुंचाया जा रहा है तो वे सीधे वहां पहुंच गए। पेशे से राजमिस्त्री अवधेश ने बताया कि जिंदगी खतरे में देखकर वे अपनी डेढ़ महीने की सैलरी भी छोड़कर आ गए हैं। जो रुपया बचा था, वो सारा सब्जियों और खाने-पीने की चीजों में खर्च हो गया। वहां पर आलू 100 रुपये किलो और चावल 60 रुपये किलो में बिक रहा है।
एयरफोर्स ने 310 प्रभावितों को सुरक्षित पहुंचाया
चंडीगढ़ स्थित 12वीं एयरफोर्स ने एक रिलीफ कैंप खोला गया है। सोमवार को दो विमानों से श्रीनगर के 310 प्रभावितों को एयरफोर्स में लाया गया। प्रभावित लोगों की मदद कर रहे ग्रुप कैप्टन एसके बिष्ठ, अमिताभ भल्ला व एमके शर्मा ने बताया कि 12वी विंग में एक रिलीफ कैंप खोला गया है।
श्रीनगर से आने वाले लोगों को मेडिकल सुविधा, खाना-पीना और उन्हें बस अड्डे व रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। सुबह विमान से 67 लोगों को लाया गया था, जबकि शाम को 243 लोगों को लाया गया।
इनमें 225 आम लोग, 14 आर्मी, दो एयरफोर्स और दो कोरियन नागरिक थे। इसके अलावा जिन लोगों के पास रुपये नहीं है, उनके किराए की भी व्यवस्था की जा रही है। लोकल प्रशासन से को-आर्डिनेट कर उनके लिए ट्रेन और बस की टिकट दिलवाई जा रही है।
श्रीनगर के कैन्टोनमेंट में बिजली और पानी ठप
12वी विंग के रिलीफ कैंप में पहुंचे गुड़गांव निवासी रिटायर्ड मेजर जनरल एसके दीवान ने बताया कि बादामी बाग का कैन्टोनमेंट एरिया पूरा पानी-पानी हो गया है। बिजली और पानी पूरी तरह से ठप हो चुका है। मोबाइल के सिग्नल भी नहीं मिल रहे हैं। इसके बावजूद आर्मी के जवान लोगों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एयरफोर्स की काबिलेतारीफ है।
वे किसी को भी मना नहीं कर रहे हैं। वे प्रभावित लोगों से पूछ रहे हैं कि उन्हें कहां जाना है। यदि कोई कहता है कि वे पठानकोट जाना चाहते हैं तो वे उसे पठानकोट के विमान में बैठा देते हैं। यदि किसी को जम्मू जाना है तो उसकी वे जम्मू में व्यवस्था करा देते हैं। जौनपुर निवासी देवेंद्र गिरी ने बताया कि वे आज से एयरफोर्स की ही पूजा करेंगे।
यदि वे नहीं होते तो उनकी जिंदगी नहीं बचती। करनाल के मॉडल टाउन निवासी रिटायर्ड मेजर बलजीत ने बताया कि वहां पर पीने के पानी की सबसे ज्यादा किल्लत हो गई है। साफ पानी के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। आर्मी वाले बोट से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।