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फेल हुआ फ्लैक्सी फेयर सिस्टम, छूट ऑफर के बावजूद लग्जरी ट्रेनों की सीटें खाली

Tue, 25 Apr 2017 03:11 PM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
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भारतीय रेल
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आय बढ़ाने के लिए शताब्दी समेत अन्य लग्जरी ट्रेनों में शुरू किया गया फ्लैक्सी फेयर सिस्टम फेल हो गया है। ऑफर के बावजूद सीटें खाली पड़ी हैं।  रेलवे को न तो अपेक्षित कमाई हो पा रही है और न ही यात्रियों की शिकायतों का दौर खत्म हो रहा है।
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इतना ही नहीं फ्लैक्सी फेयर की कमाई को बढ़ाने के लिए रेलवे ने पिछले दिनों इन ट्रेनों के टिकटों की बिक्री पर छूट ऑफर भी शुरू की है। साथ ही आरएसी का कोटा भी बढ़ाया है। लेकिन इन सब के बावजूद लग्जरी ट्रेनों की सभी टिकटें नहीं बिक रही हैं। लिहाजा रेलवे बोर्ड इस फ्लैक्सी फेयर सिस्टम की समीक्षा में जुटा है।

टिकटों की बिक्री कम, रेलवे की बढ़ी चिंता
सितंबर 2016 में राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से रेलवे ने शताब्दी, दुरंतों और राजधानी एक्सप्रेस में फ्लैक्सी  फेयर सिस्टम लागू किया था। इसके तहत इन ट्रेनों में कुल उपलब्ध सीटों की दस फीसदी बिक जाने के बाद बेस फेयर में 10 फीसदी इजाफा किया जाना था। लेकिन इसमें फेयर इजाफा की सीमा सिर्फ डेढ़ गुना ही रहेगी।
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दूसरा यदि लग्जरी ट्रेनों में कुल सीटों की आधी बिक जाती है तो शेष सीटों के बेस फेयर में सिर्फ डेढ़ गुना तक  इजाफा ही रहेगा। हालांकि इस सिस्टम के शुरू होने के  बाद महज 203 दिन में रेलवे ने फ्लैक्सी फेयर से 311 करोड़ कमाए।

ऑफर भी अब काम नहीं आ रहे
फ्लैक्सी फेयर सिस्टम से लग्जरी ट्रेनों में पूरी टिकटों की बिक्री न होने की वजह से रेलवे ने पिछले दिनों यात्रियों के लिए एक ऑफर शुरू किया है। इसके तहत  इन  ट्रेनों के चार्ट तैयार होने के बाद बचीं शेष सीटों को रेलवे 10 फीसदी छूट पर बेचेगी। यानी ट्रेन छूटने से एक मिनट पहले भी यात्री अब 10 फीसदी छूट के साथ इन लग्जरी ट्रेनों के टिकट ले सकेंगे।

साथ ही इन ट्रेनों में आरएसी का कोटा भी बढ़ाया गया है। लेकिन रेलवे के एक सीनियर अफसर ने बताया कि लग्जरी ट्रेनों की सभी टिकटें बिक जाएं, इसलिए यह ऑफर शुरू किया गया था। लेकिन यात्रियों में इसके प्रति खास रुझान नहीं दिख रहा है। लिहाजा रेलवे बोर्ड फ्लैक्सी फेयर की समीक्षा में जुटा है और संभव है इसे वापस भी लिया जा सकता है।
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