शुक्रवार रात हुई बारिश के बाद अमर उजाला की टीम ने शनिवार को सुबह यहां दौरा किया तो सामने आया कि कूड़े और कीचड़ के कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा था। गंदगी इतना ज्यादा है कि सांस लेना भी दूभर हो रहा है। वहीं, यहां पर अतिक्रमण कर सड़क पर बैठे हुए सब्जी बेचने वालों के कारण मंडी में पैदल चलने की जगह नहीं बची। सीवर लाइन में कूड़ा जमा होने के कारण पानी भी नहीं निकल पा रहा है। कब्जों के कारण 60 फीट चौड़ी सड़कें इतनी संकरी हो गई हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बीते दिनों पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने यहां का दौरा किया था, लेकिन अधिकारियों को प्रशासक के आदेशों की भी परवाह नहीं है।
गिरने को है जर्जर शौचालय
यहां के महिला शौचालय की इमारत बहुत ज्यादा जर्जर हो चुकी है। वह कभी भी गिर सकती है, ऐसे में लोगों में हर समय बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। यहां के शौचालय के गेट अंदर से टूटे हैं। शौचालय की बड़ी खिड़की का शीशा तक टूटा है। यहां लगाए गए एग्जास्ट फैन में मोटर और पंख ही नहीं हैं। इसका केवल फ्रेम ही लगा हुआ है।
टनों के हिसाब पड़ा है कूड़ा
बारिश के बाद यहां जो मंजर देखने को मिला है वह काफी परेशान करने वाला था। यहां की सड़कों पर टनों के हिसाब से कूड़ा जमा है। कहने को तो यहां पर अक्सर सफाई की जाती है, लेकिन इस कूड़े को कौन फैला गया किसी को पता नहीं।
टूटी सड़कें, सीवरेज ठप
मंडी के अंदर की ज्यादातर सड़कें लंबे समय से टूटी हैं। इस कारण यहां पर पानी भरा रहता है। बारिश होने पर जलभराव हो जाता है। पानी की निकासी की भी समूचित व्यव्स्था नहीं है। अधिकांश सीवरेज ब्लॉक हुए हैं। सीवरेज के ढक्कनों पर दुकानों वाले सामान सजा लेते हैं। इस कारण यह सीवरेज लाइन बंद पड़ी हैं।
खुले हैं मैनहोल
मंडी के गेट के दाहिने तरफ दो सीवरेज के मैनहोल पूरी तरह से टूटे हैं, जो कि पानी भरने पर दिखाई नहीं देते और मौत के कुएं से कम नहीं है। यहां हालात ऐसे हैं कि दोपहिया वाहन, पैदल चलने वाले लोग तो क्या पूरी की पूरी गाड़ी तक इसमें समा जाए और किसी को पता तक न चले।
कमेटी वाले करते हैं अवैध वसूली
दुकानदार कन्हैया लाल ने बताया कि कमेटी वाले कई अधिकारी और कर्मचारी दुकानदारों से रंगदारी वसूलते हैं। बड़े दुकानदारों पर तो उनका जोर नहीं चलता, लेकिन छोटे दुकानदाराें को परेशान करते हैं और मुफ्त में सब्जी भी ले जाते हैं।
यह कहते हैं दुकानदार और ग्राहक
मंडी में सब्जी खरीदने आई महिला अमरजीत कौर ने बताया कि मंडी में व्याप्त गंदगी से इतनी बदबू आती है कि यहां पर मुंह पर रूमाल रखे बिना तो खड़े होना भी संभव नहीं है। यह समस्या आज की नहीं पिछले 20 सालों से हम यह सब झेल रहे हैं। यहां सब्जी लेने आए ग्राहक हरमिंदर सिंह ने बताया कि ऐसा लगता है मानाें चंडीगढ़ प्रशासन सोया हुआ है। उन्हें यहां के लोगो की परेशानी नजर ही नहीं आती। फल विक्रेता बीर सिंह और प्रेमवती ने बताया कि यहां पर जो महिला शौचालय बना हुआ है वह कभी भी गिर सकता है। इसकी दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और छत से भी पानी टपकता है। शौचालय में पानी नहीं है और दरवाजे तक टूटे पडे हैं।
कोट
शुक्रवार रात को जो भारी बारिश हुई है उस वजह से सब्जी मंडी में ज्यादा परेशानी हुई है। हम रोजाना ही सब्जी मंडी की सफाई करवाते हैं और करीब 20 टन कचरा प्रतिदिन यहां से उठाया जाता है। यहां पर हरियाणा, पंजाब और हिमाचल में फल और सब्जियां बड़े वाहनों में पहुंचती हैं। इस कारण अंदर मंडी में सैकड़ों ट्रकों की आवाजाही भी रहती है। यहां पर सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक रोजाना सफाई करवाई जाती है।
-पवित्र सिंह, प्रशासक मार्केट कमेटी चंडीगढ़