अध्यापकों की वेतन कटौती को लेकर पटियाला में सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर चुके पांच अध्यापकों को डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान विभाग ने सोमवार को बर्खास्त कर दिया। नौकरी से निकाले गए अध्यापकों में हरजीत सिंह जीदा (अंग्रेजी अध्यापक) सरकारी हाई स्कूल कोठे नत्था सिंह बठिंडा, दीदार सिंह (साइंस अध्यापक) मुदकी, (पंजाबी अध्यापक) हरदीप टोडरपुरा, (एसएस अध्यापक) भरत कुमार और (साइंस अध्यापक) हरविंदर सिंह के नाम शामिल हैं।
यह सभी अध्यापक एसएसए रमसा यूनियन के नेता है और इनमें से हरजीत सिंह सांझा अध्यापक मोर्चा पंजाब के कनवीनर हैं। नौकरी से निकाले जाने संबंधी पत्र मिलने के बाद सभी अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ रोष जाहिर किया। अध्यापक जीदा ने कहा कि सरकार इस तरह अध्यापकों पर कार्रवाई कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
सांझा मोर्चा अध्यापक यूनियन के कनवीनर हरजीत सिंह जीदा ने बातचीत के दौरान कहा कि सरकार के अध्यापक विरोधी निर्णय लेने के कारण अध्यापकों ने अपने अधिकार के तहत ही पटियाला में सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया था। जिन अध्यापकों ने प्रदर्शन किया, उन सभी अध्यापकों ने नियमों के तहत विभाग से छुट्टी ली थी। लेकिन विभाग तर्क दे रहा है कि धरना प्रदर्शन करने वाले अध्यापकों ने विभाग के नियमों का पालन नहीं किया और इस दौरान बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हुआ। जीदा का कहना है कि सरकार ने उन्हें नौकरी से निकालकर लोकतंत्र की हत्या की है।
शिक्षा मंत्री के खिलाफ अध्यापकों ने निकाला रोष मार्च
सांझा अध्यापक मोर्चा के बैनर तले चले आंदोलन में हिस्सा लेने वाले पांच अध्यापक नेताओं को बर्खास्त करने के खिलाफ मंगलवार शाम को पटियाला में अध्यापकों ने रोष मार्च निकाला। बाद में शेरां वाला गेट पर शिक्षा मंत्री ओपी सोनी का पुतला फूंका और साथ ही अध्यापकों की बर्खास्तगी के पत्रों को भी फूंकते हुए संघर्ष को और तेज करने की चेतावनी दी।