उचाना के गांव खापड़ का रहने वाला 30 वर्षीय सुरेश सात जुलाई को रजवाहे में नहाने गया पर लौट कर नहीं आया। मंगलवार को उसका शव हिसार जिला के खरकड़ी गांव के पास बालसमंद माइनर से मिला।
वहीं परिजनों ने आरोप लगाया कि सुरेश की हत्या करने के बाद शव को रजवाहे में डाला गया है। दूसरी तरफ उचाना थाना पुलिस पर आरोप लगा है कि पुलिस ने शव को रजवाहे से निकालकर बालसमंद माइनर में फेंक दिया था।
ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर शव को माइनर में फेंकने के आरोप में एक एसपीओ समेत पांच पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले को लेकर खापड़ गांव के लोगों ने दिनभर उचाना थाना में हंगामा किया।
उचाना थाना पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि आठ जुलाई शाम को पुलिस के दो-तीन कर्मचारी सिविल ड्रेस व प्राइवेट गाड़ी में बड़ौदा के पास रजवाहा से सुरेश के शव को निकाल कर 40 किलोमीटर दूर खरकड़ी गांव के पास से गुजर रही बालसमंद माइनर में फेंक आए। मृतक के भाई राजबीर ने बताया कि उचाना पुलिस शव को खुर्द-बुर्द करना चाहती थी।
शव को माइनर में फेंकने से लगता है कि पुलिस किसी बड़े मामले को दबाने के लिए यह सब किया गया है। परिजनों के अनुसार सुरेश के दो बच्चे हैं और वह खेतीबाड़ी कर अपने परिवार को पालन-पोषण करता था। वहीं एसएसपी अश्विन शैणवी ने बताया कि इस मामले में एसपीओ रमेश, एचसी राजेश सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।