पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संगरूर के पूर्व एसएसपी सहित पांच पुलिस अधिकारियों की ओर से दो किसानों से जबरन वसूली के मामले की विजिलेंस जांच करवाने के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जांच पूरी होने तक पांचों पुलिस अधिकारियों को पुलिस लाइन भेजने के आदेश भी जारी किए हैं। उधर, इस मामले में प्रभावित किसानों के परिवारों ने अपनी जमीन बेचकर वसूली की कीमत अदा की है और अब वे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की हिफाजत यकीनी बनाने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने आरंभिक जांच के बाद उठाया कदम
रवीन ठुकराल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। आरंभिक जांच में संगरूर के पूर्व एसएसपी इंद्रबीर सिंह और डीएसपी सहित चार पुलिस अधिकारियोें पर दो किसानों को कत्ल केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे वसूली करने का आरोप है। संगरूर के जिला पुलिस प्रमुख मनदीप सिंह सिद्धू द्वारा पटियाला जोन के आईजी एएस राय और डीआईजी सुखचैन सिंह गिल को भेजी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने यह आदेश जारी किए। मनदीप सिंह ने इस मामले में एफआईआर और विजिलेंस ब्यूरो से जांच करवाने की सिफारिश की है। ठुकराल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सीनियर अधिकारियों को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं ताकि इस मामले में दोषियों पर उपयुक्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
यह है मामला
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यह है मामला
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दविन्द्र सिंह उर्फ बबली रंधावा समेत पांच गैंगस्टरों ने गत फरवरी माह में 25 वर्षीय फाइनेंसर हरदेव सिंह की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद उसने कत्ल का जशभन मनाते हुए वीडियो भी अपलोड की थी। गांव कोटरा अमरू के धनवंत सिंह और गांव धुग्गा के हरजिंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्हें गैर कानूनी हिरासत में रखा गया, क्योंकि वह रंधावा को गैंगस्टर बनने से पहले केवल जानते ही थे। दोनों किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके परिवारों से वसूली की।
संगरूर के जिला पुलिस प्रमुख मनदीप सिंह सिद्धू की रिपोर्ट में संगरूर के पूर्व एसएसपी इंद्रबीर सिंह, सुनाम के डीएसपी जशभनदीप गिल, लौंगोवाल थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर सिकं दर सिंह, संगरूर सिटी पुलिस पोस्ट के इंचार्ज एएसआई बलजिंद्र सिंह और बडरूखां पोस्ट के इंचार्ज एएसआई गुरमेल सिंह के नाम का जिक्र किया गया है।
चंडीगढ़ में एसएसपी लगाने संबंधी पैनल से भी नाम हटाया
मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए न सिर्फ विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं बल्कि मामले में आरोपी संगरूर के पूर्व एसएसपी इंद्रबीर सिंह, जिनका नाम यूटी चंडीगढ़ में एसएसपी पद पर तैनाती के लिए भेजे पैनल में भी शामिल था, को पैनल से हटाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। हालांकि, यह फैसला इसलिए भी लिया गया क्योंकि यूटी में भेजे जाने वाले पैनल में शामिल सभी अफसरों केआचरण बारे विजिलेंस की स्वीकृति अब जरूरी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने विजिलेंस जांच में दोषी पाए जाने वालों विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।