नशा तस्करों पर कार्रवाई न करने के आरोप में दो एसएचओ, एक एएसआई और तीन हेडकांस्टेबलों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं एक घोषणा भी की गई है। संगरूर में एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि सरकार और प्रशासन नशे को जड़ से उखाड़ने के लिए पूरी तरह गंभीर है लेकिन कुछ अधिकारी व कर्मचारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मालेरकोटला सिटी-2 के प्रभारी निर्मल सिंह ने नशा विरोधी अभियान में गंभीरता नहीं दिखाई। मालेरकोटला क्षेत्र में सट्टे का कारोबार करने वालों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर निर्मल सिंह को सस्पेंड किया गया। इसी तरह थाना शेरपुर के एसएचओ, एसआई राकेश कुमार को मुअत्तल किया गया है। थाना शेरपुर के ही एएसआई दर्शन सिंह, हेड कांस्टेबल करनैल सिंह, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल निर्मल सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
जो गांव होगा नशा मुक्त, उसे मिलेंगे पांच लाख
पंजाब के ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तृप्त रजिंदर बाजवा ने एलान किया है कि जो भी गांव नशा मुक्त होकर दिखाएगा, उसे पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। यह ग्रांट जिम और खेलों के लिए दी जाएगी।बाजवा ने पंचायतों से अपील की कि वे अपने गांवों पर पूरी नजर रखें। ड्रग एडिक्ट और नशे के सप्लायरों के बारे में कोई भी सूचना मिले तो फौरन पुलिस को दें। मां-बाप भी बच्चों पर नजर रखें, कुछ भी संदिग्ध दिखे तो कार्रवाई करें।
जिस तरह हम अपनी बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए चिंता करते हैं, उसी तरह बेटों की चिंता भी करें। बेटी अगर पांच मिनट लेट हो जाती है तो हम परेशान हो जाते हैं, लेकिन बेटों को लेकर हम लापरवाह हो गए हैं। बेटों को धार्मिक, ऐतिहासिक विरसे से जोड़ना चाहिए। बाजवा ने दावा किया कि चिट्टे की सप्लाई लाइन पूरी तरह से ध्वस्त की जा चुकी है। अब कुछ छोटे-मोटे तस्कर ही सक्रिय हैं, उनसे भी जल्द निपट लिया जाएगा। गुरदासपुर जिले की फतेहगढ़ चूड़ियां सीट से विधायक बाजवा ने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि इसे पंजाब का पहला नशा मुक्त हलका बनाने में मदद करें।
उन्होंने कहा कि आज नशे का मुद्दा सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, बहुत से लोगों ने चिंता जाहिर की है, उनकी चिंता जायज है। नशों के लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जड़ में कौन है, जैसे आरोपों-प्रत्यारोपों में पड़ने के बजाय हमें इसके खात्मे के लिए एकजुट होना चाहिए। 16 महीने पुरानी कांग्रेस सरकार पर ड्रग ओवरडोज से हुई मौतों के कारण धब्बा लग रहा है। कैबिनेट ने नशा तस्करों को मौत की सजा देने के लिए केंद्र को लिखा है। सरकारी मुलाजिमों के लिए डोप टेस्ट अनिवार्य किया गया है। बाजवा ने कहा कि वह इस पक्ष में हैं कि आने वाले पंचायत चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों का डोप टेस्ट अनिवार्य किया जाए।