चंडीगढ़। नतीजे की घोषणा को लेकर सेक्टर-26 स्थित सीसीईटी में पांच घंटे हाई वोल्टेज ड्रामा चला। सेंटर के अंदर और बाहर तनाव रहा। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने खूब नारेबाजी की। जबरन सेंटर के अंदर घुसने की कोशिश की। पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। अधिकारियों के आश्वासन पर कार्यकर्ता रुके। करीब पांच घंटे दोनों पार्टियों के नेताओं की सांसें अटकी रही।दोपहर करीब 2:30 बजे तक सभी 15 राउंड की काउंटिंग पूरी हो गई थी। पोलिंग एजेंट ने बाहर आकर बता दिया कि मनीष तिवारी चुनाव जीत चुके हैं। जल्द ही इसकी घोषणा हो जाएगी, लेकिन नतीजों की घोषणा होते-होते शाम के 7:30 बज गए। अचानक भाजपा के प्रत्याशी संजय टंडन व अन्य भाजपा के नेता काउंटिंग सेंटर पर पहुंच गए। वह सीधे अंदर गए। वहां पर उनकी तरफ से कुछ आपत्तियां दर्ज कराई गईं। दो बूथों की काउंटिंग पर उनके द्वारा सवाल उठाए गए। जैसे ही कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पता चला कि टंडन पहुंचे हैं, तिवारी को इसकी सूचना दी गई। तिवारी भी भागते हुए काउंटिंग सेंटर की तरफ आए। वह इतनी जल्दी में थे कि उनका पैर बिजली के तार में फंसा और वह नीचे गिर गए। इसके बाद भी वह उठे और भागते हुए काउंटिंग सेंटर के अंदर गए। तिवारी के सेंटर के अंदर जाने के बाद गेट बंद कर दिए गए। कई घंटे तक अंदर चर्चा चली। कई बार अंदर से चिल्लाने की भी आवाज आई। यह देख बाहर कांग्रेस के कार्यकर्ता उग्र हो गए और उन्होंने जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान आया अनिल मसीह का नाम
कांग्रेस के पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने आरोप लगाया कि चुनाव के नतीजे घोषित करने में जानबूझकर देरी की जा रही है ताकि नतीजे में हेरफेर की जा सके। नारेबाजी के दौरान उन्होंने अनिल मसीह का भी नाम लिया और कहा कि अनिल मसीह का इंतजार किया जा रहा है। भाजपा के कार्यकर्ता भी बाहर बैठे रहे। अंत में रिटर्निंग ऑफिसर की तरफ से भाजपा द्वारा जताई गई आपत्तियों को क्लियर करने के बाद संजय टंडन करीब 7:15 बजे काउंटिंग सेंटर से बाहर चले गए। इसके 15 मिनट बाद मनीष तिवारी जीत का सर्टिफिकेट लेकर बाहर आए और उन्होंने विक्ट्री का साइन दिखाया।