फैक्टरी के अंदर से आ रही ड्रेन में हजारों मछलियां और जलीय जीव जंतु मृत पाए गए हैं। लोगों ने एक सीमेंट कंपनी पर आरोप लगाए हैं। मामला पंजाब के रोपड़ जिले का है। सूचना मिलते ही गांव दबुर्जी व चक्क ढेर के लोग मौके पर पहुंचे और सीमेंट कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मरी मछलियों का पोस्टमार्टम करवाने की मांग की, ताकि उनकी मौत के सही कारणों का पता लगाकर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
लोगों ने बताया कि कंपनी की ओर से केमिकल युक्त पानी छोड़ा जा रहा है, जिस कारण ड्रेन में बह रहे पानी का रंग बदल गया और उससे हजारों मछलियां व अन्य जलीय जीव मर गए। मछलियों और जलीय जीवों की मौत के लिए लोगों ने सीमेंट कंपनी के मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों ने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और प्रशासन पर भी इस मामले में कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं।
गांव दबुर्जी पहुंचे मुकेश सिंह सरपंच चक्क ढेरा और समाज सेवी विक्की धीमान ने कहा कि कंपनी की ओर से छोड़े गए दूषित पानी से मरीं मछलियों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए प्रबंधकों ने ड्रेन में भारी मात्रा में पानी और नहर के किनारे लगीं झाड़ियां काटकर फेंक दी हैं, ताकि मरी हुई मछलियों का सबूत खत्म हो सके। ड्रेन का यह पानी दरिया सतलुज में जा रहा है, जिसके कारण दरिया का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। मवेशी पानी न पी लें, इसके लिए उन्होंने नजदीक के गांवों के लोगों को इस दूषित पानी से बचने के लिए मुनादी भी करा दी है।