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ड्रेन में मृत मिलीं हजारों मछलियां और जलीय जीव जंतु, सीमेंट कंपनी पर लगे आरोप, जानिए क्या है मामला

Fri, 05 Apr 2019 10:26 AM IST
खुशबू गोयल जगजीत सिंह/अमर उजाला, घनौली(रोपड़)
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ड्रेन में मृत मिलीं मछलियां
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फैक्टरी के अंदर से आ रही ड्रेन में हजारों मछलियां और जलीय जीव जंतु मृत पाए गए हैं। लोगों ने एक सीमेंट कंपनी पर आरोप लगाए हैं। मामला पंजाब के रोपड़ जिले का है। सूचना मिलते ही गांव दबुर्जी व चक्क ढेर के लोग मौके पर पहुंचे और सीमेंट कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मरी मछलियों का पोस्टमार्टम करवाने की मांग की, ताकि उनकी मौत के सही कारणों का पता लगाकर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
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लोगों ने बताया कि कंपनी की ओर से केमिकल युक्त पानी छोड़ा जा रहा है, जिस कारण ड्रेन में बह रहे पानी का रंग बदल गया और उससे हजारों मछलियां व अन्य जलीय जीव मर गए। मछलियों और जलीय जीवों की मौत के लिए लोगों ने सीमेंट कंपनी के मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों ने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और प्रशासन पर भी इस मामले में कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं।

गांव दबुर्जी पहुंचे मुकेश सिंह सरपंच चक्क ढेरा और समाज सेवी विक्की धीमान ने कहा कि कंपनी की ओर से छोड़े गए दूषित पानी से मरीं मछलियों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए प्रबंधकों ने ड्रेन में भारी मात्रा में पानी और नहर के किनारे लगीं झाड़ियां काटकर फेंक दी हैं, ताकि मरी हुई मछलियों का सबूत खत्म हो सके। ड्रेन का यह पानी दरिया सतलुज में जा रहा है, जिसके कारण दरिया का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। मवेशी पानी न पी लें, इसके लिए उन्होंने नजदीक के गांवों के लोगों को इस दूषित पानी से बचने के लिए मुनादी भी करा दी है।
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दूषित पानी से फैल रहा कैंसर: स्वर्ण सिंह

स्वर्ण सिंह प्रधान गुरुद्वारा कुम्मा माशकी ने कहा कि कंपनी की ओर से फैलाए जा रहे प्रदूषण के कारण उनकी पत्नी को कैंसर की बीमारी हो गई। जबकि इलाके के कई अन्य लोगों में कैंसर के लक्षण नजर आए रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। पूर्व जेई कुलदीप सिंह ने कहा कि जांच करने वाले अधिकारी भी खानापूर्ति करने आते हैं। सब कुछ नजरों के सामने हो रहा है। कंपनी से इनकी मिलीभगत होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। दूषित हो चुका पानी लोगों के घरों में जा रहा है, यही कारण है कि कैंसर जैसी घातक बीमारियां फैल रही हैं।

दूषित पानी हमारी कंपनी का नहीं:  जीएम
उधर, सीमेंट कंपनी के जीएम राजीव जैन ने कहा कि यह दूषित पानी उनकी कंपनी का नहीं है। कंपनी का कोई पानी छोड़ा ही नहीं जाता। यह पानी क्षेत्र के गांवों और थर्मल प्लांट का है, जो कंपनी के साथ गुजरती ड्रेन के जरिये आगे जाता है। कंपनी की तरफ से रिहायशी कॉलोनी और अन्य पानी के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी में किसी केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाता है।
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