हरियाणा में पहली बार ऑनलाइन तबादले किए गए और 10430 टीचर्स को इधर से उधर कर दिया गया। शनिवार को करीब ढाई घंटे तक चली इस प्रक्रिया के तहत 10430 आवेदकों का स्थानांतरण किया गया। शुरुआती दौर में ऑनलाइन प्रक्रिया का ट्रायल लिया गया है।
सरकार का दावा है कि यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है। हालांकि शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर के इन मामलों की स्क्रूटनी के लिए एक कमेटी गठित की है। तबादले में पारदर्शिता और इसके लिए तय मानदंडों के मुताबिक पिछले कई वर्षों से चल रही पद्धति से अलग इस बार पहली बार अध्यापकों से तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे।
सात जोन में होने वाले तबादले के लिए आवेदन के साथ विकल्प भी मांगे गए थे, जिनमें वरीयता सूची, कितने वर्र्षों से किस स्थान पर अध्यापक कार्यरत हैं सहित अन्य मानकों के आधार पर ही ऑनलाइन ट्रांसफर की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। इसके लिए मिलने वाले आवेदनों के लिए कंपनी महाराष्ट्र सॉफ्टवेयर कॉरपेरशन की तरफ से इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया गया। आवेदन पत्रों की छंटनी भी की गई।
जोन में बांटकर छंटनी की गई और फिर तबादले
ऑनलाइन
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छंटनी के मुताबिक जोन एक से करीब 1650, जोन दो से 1500, जोन तीन से 1300, जोन चार से 700, जोन पांच से 1100, जोन छह से 1800 तथा जोन सात से करीब 2700 अध्यापकों को तबादलों के योग्य पाया गया था। इसी आधार पर तबादले किए गए।
सरकार का दावा है कि इस तबादले से प्रदेश में खाली चल रहे पीजीटी अध्यापकों के करीब 19 हजार पदों के कारण होने वाली दिक्कतें भी कम होंगी। दोपहर दो बजे के बाद शनिवार को तबादले की प्रक्रिया शुरू हुई। सुबह से ही शिक्षा सदन में अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
शाम करीब पांच बजे तक चलने वाले ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली के तहत 10 हजार 436 पीजीटी का तबादला किया गया। तबादले की प्रक्रिया अतिरिक्त मुख्य सचिव, शिक्षा पीके दास की देखरेख में संपन्न हुआ। तबादले को अंतिम रूप देने से पहले इनकी स्क्रूटनी की जाएगी। इसके लिए गठित कमेटी लगातार काम कर रही है। रविवार को फिर से एक बार लाइनें खोली जाएंगी।