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पहली बार किसी राजनीतिक दल के पदाधिकारी बनाए गए मनोनीत पार्षद

Fri, 30 Dec 2016 11:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मनोनीत पार्षदों के साथ मेयर - फोटो : अमर उजाला
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प्रशासन ने वीरवार को 9 मनोनीत पार्षदों की घोषणा कर दी । इनमें से 4 मनोनीत भाजपा के पदाधिकारी भी हैं, जबकि एक नवनियुक्त मनोनीत पार्षद शिप्रा बंसल की मां सबीना बंसल भाजपा महिला मोर्चा की महासचिव हैं।
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ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी राजनीतिक दल के पदाधिकारियों को मनोनीत पार्षद नियुक्त किया गया हो। अब तक मनोनीत पार्षदों के बारे में हमेशा यही कहा जाता रहा है कि वे गैर राजनीतिक होते हैं।

मनोनीत पार्षदों को बनवाने में भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन और सांसद किरण खेर की चली है। 9 में से एक पार्षद सतप्रकाश अग्रवाल इस समय भी भाजपा के पार्षद हैं और फ्लिपकार्ट के मालिक सचिन बसंल के पिता हैं। 
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वे कांग्रेस से भाजपा में आए थे। लेकिन इस बार उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था, अब प्रशासक ने उन्हें मनोनीत पार्षद नियुक्त कर दिया है। सतप्रकाश अग्रवाल इस समय पार्टी के उपाध्यक्ष हैं। 

इसके अलावा भाजपा की पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मेयर कमला शर्मा और पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व संयोजक हाजी मोहम्मद खुर्शीद अली को भी मनोनीत पार्षद नियुक्त किया गया है। 

कोई रिटायर्ड आईएएस को नहीं बनाया

पार्षदों के साथ मेयर - फोटो : अमर उजाला
सचिन कुमार लोहटिया भी मनोनीत पार्षद बनाए गए हैं। वे साल 2006 में भाजपा के टिकट पर मलोया से चुनाव लड़े थे। इस बार मलोया से टिकट कटने पर वह नाराज चल रहे थे।

इसके अलावा व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय महासचिव अजय दत्ता, डॉ. ज्योत्सना विग, रिटायर्ड मेजर जनरल एमएस कांडल को मनोनीत पार्षद नियुक्त किया गया है। 

डॉ. ज्योत्सना विग पीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग की एचओडी भी रह चुकी हैं। व्यापारमंडल के दो पदाधिकारियों को मनोनीत बनने का मौका मिला है। चरणजीव सिंह के अलावा सतप्रकाश अग्रवाल भी व्यापार मंडल के पदाधिकारी हैं। 

कोई रिटायर्ड आईएएस को नहीं बनाया
इस बार किसी रिटायर्ड आईएएस और आर्किटेक्ट को मनोनीत पार्षद नियुक्त नहीं किया है। जबकि हर बार उन्हें मनोनीत किया जाता रहा है। इसके अलावा किसी प्रोफेसर को भी मनोनीत नियुक्त नहीं किया गया है।  इन 9 मनोनीत पार्षदों की शपथ भी निर्वाचित पार्षदों के साथ ही 2 जनवरी को दिलाया जाएगा।

कई नाराज
मनोनीत की नियुक्ति होने से भाजपा के ही कई नेता और दावेदार नाराज हैं। निगम चुनाव में पार्टी की ओर से उनको मनोनीत करवाने का प्रलोभन दिया गया था। मंडल अध्यक्ष प्रदीप बंसल, पार्षद देसराज गुप्ता को भी मनोनीत पार्षद बनाने के लिए कहा गया था। फासवेक के पदाधिकारियों को भी मनोनीत होने की उम्मीद थी।

क्या अंतर है मनोनीत और निर्वाचित में?

पार्षदों के साथ मेयर - फोटो : अमर उजाला
निर्वाचित पार्षदों का मजाक उड़ाया : छाबड़ा
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि भाजपा नए-नए इतिहास बना रही है। पहले ईवीएम से छेड़छाड़ करके 21 सीटें जीतीं और अब भी पार्टी डर रही है। 

इसलिए भाजपा पदाधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों को मनोनीत नियुक्त कर दिया। मनोनीत पार्षद विशेषज्ञ होने चाहिए जबकि इनमें कई ऐसे नियुक्त किए गए हैं जिन्हें निगम के किसी भी काम की जानकारी नहीं है। एक्ट के नियमों की धज्जियां उड़ाकर मनोनीत की नियुक्ति की गई है। शहरवासियों में इस सूची से भारी रोष है। 

मनोनीत पार्षद हमेशा ही गैर राजनीतिक रहे हैं लेकिन भाजपा ने अपने ही पार्टी पदाधिकारियों को मनोनीत नियुक्त करके निर्वाचित पार्षदों का मजाक उड़ाया है।

क्या अंतर है मनोनीत और निर्वाचित में
पावर और अधिकार के मामले में मनोनीत और निर्वाचित पार्षदों में ज्यादा अंतर नहीं है, लेकिन मनोनीत पार्षद मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं लड़ सकते।

लेकिन इसके अलावा वह निर्वाचित पार्षदों की तर्ज पर कमेटियों के चेयरमैन और वित्त एवं अनुबंध कमेटी के सदस्य बनने का चुनाव लड़ सकते हैं। इसके अलावा मनोनीत को निर्वाचित की तर्ज के बराबर मानदेय और भत्ते मिलते हैं। 

निर्वाचित पार्षद अपने वार्ड के विकास से जुड़े प्रस्ताव पास करवाने केलिए सदन में लाता है जबकि मनोनीत पूरे शहर के किसी भी सेक्टर के विकास से जुड़ा प्रस्ताव चर्चा के लिए ला सकता है।

वार्ड डेवलपमेंट फंड नहीं मिलता

मनोनीत पार्षदों के साथ मेयर - फोटो : अमर उजाला
वार्ड डेवलपमेंट फंड नहीं मिलता
26 निर्वाचित पार्षदों को अपने वार्ड के विकास के लिए हर साल 40 लाख रुपये का फंड मिलता है लेकिन मनोनीत पार्षदों को यह नहीं मिलता है। हालांकि मनोनीत को फंड देने का प्रस्ताव पिछले साल सदन में पास किया गया था लेकिन प्रशासन ने इसे नामंजूर कर दिया है।

इस बार ज्यादा अहमियत नहीं होगी
नए मनोनीत पार्षदों को शायद पहले रहे पूर्व मनोनीत के बराबर अहमियत न मिले, क्योंकि भाजपा के 21 पार्षद जीत कर आए हैं। जिस कारण वह अपने दम पर मेयर की कुर्सी पर कब्जा कर सकती है।

लेकिन इससे पहले कांग्रेस कार्यकाल में पार्षद मनोनीत की काफी जी हजूरी करते आए हैं क्योंकि कांग्रेस और भाजपा साल 2001 से लेकर अब तक हुए चुनाव में किसी के पास पूर्ण बहुमत नहीं रहा ऐसे में जिसे मनोनीत का समर्थन मिलता था उसी पार्टी का मेयर बनता था।
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नियमों के अनुसार ही मनोनयन: टंडन

प्रेस कांफ्रेंस में मेयर - फोटो : अमर उजाला
जब भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन से पूछा गया कि पार्टी के पदाधिकारियों को ही मनोनीत क्यों नियुक्त किया गया तो उनका जवाब था कि म्युनिसिपल एक्ट की धाराओं में ऐसा कोई जिक्र नहीं है।

प्रशासक ने एक्ट के अनुसार ही मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति की है। एक्ट के अनुसार नगर निगम की कारगुजारी का ज्ञान होना चाहिए और नवनियुक्त मनोनीत पार्षद अपनी अपनी फील्ड में एक्सपर्ट हैं। 

उम्मीद है कि शहर के विकास में नए मनोनीत पार्षद अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। कांग्रेस भी अपने कार्यकाल में ऐसा करती थी। साल 2011 में रिटायर्ड मेजर जनरल डीएस संधू को मनोनीत नियुक्त किया गया जोकि कांग्रेस से सीधा जुड़े हुए थे इसके अलावा कांग्रेस नेता की बहू डा. शगुफ्ता प्रवीण के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी की माता को मनोनीत नियुक्त किया गया। चरणजीव सिंह- चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन हैं। पहले प्रधान थे। वर्ष 1991 में बने व्यापार मंडल में वे कई पदों पर रह चुके हैं। अजय दत्ता- भारत विकास परिषद के अखिल भारतीय सेक्रेटरी जनरल हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट हैं। सचिन कुमार लोहटिया- भाजपा के कई पदों पर रहे हैं। फिलहाल भाजपा प्रदेश के सभी मोर्चा के को-कोआर्डिनेटर हैं।  हाजी मोहम्मद खुर्शीद अली- भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रधान हैं। इसके अलावा वे भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश में कई पदों पर रहे हैं। डॉ. ज्योत्सना विग- डॉ ज्योत्सना विग पीजीआई के एनेस्थेसिया डिपार्टमेंट की हेड रहीं हैं। पीजीआई में 42 वर्ष चार महीने काम किया। शिप्रा बंसल- सबसे कम उम्र की मनोनीत पार्षद। सामाजिक कार्यकर्ता हैं। भाजपा महिला मोर्चा चंडीगढ़ प्रदेश की महासचिव सुबीना बंसल की बेटी हैं। सत प्रकाश अग्रवाल- भाजपा के पार्षद हैं। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। फ्लिपकार्ट के मालिक सचिन बंसल के पिता हैं। कमला शर्मा- निगम की पहली मेयर रहीं हैं। भाजपा चंडीगढ़ की प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। फिलहाल भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य हैं। मेजर जनरल एमएस कांडल- मेजर जनरल एमएस कांडल चंडीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के कई पदों पर रह चुके हैं। चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध में भारतीय सेना में बड़ी भूमिका निभाई है।
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