6 लोगों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा होने के बाद जेल में सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल की पहली रात कैसे कटी, इस बारे में जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि सजा सुनने के बाद जब कैदी नंबर-1005 रामपाल अपनी सेल में पहुंचा तो उसका दिन और रात बेचैनी में बीता। फैसले के बाद बुधवार को जेल पहुंचा रामपाल अकेले ही बातें करता रहा। दोपहर में खाना नहीं खाया, रात भर करवटें बदलता रहा। रामपाल सेल में कुछ समय गुमसुम रहा। दोपहर का खाना खाने से मना कर दिया।
चेहरे से हंसी गायब
सजा सुनाए जाने के बाद से रामपाल के चेहरे से हंसी गायब हो चुकी है। वह सेल में गुमसुम बैठ गया और किसी से कोई बात नहीं की। हालांकि कुछ देर बाद उसने चाय की मांग की। दोपहर का खाना खाने से उसने मना कर दिया। बताते हैं कि शाम का खाना खाने में भी उसने कोई रुचि नहीं दिखाई और थोड़ा सा खाना खाकर छोड़ दिया। जेल सूत्रों की मानें तो रामपाल बैरक में जाकर करीब आधे घंटे तक पैरों में सिर देकर बैठा रहा। शाम को सेल में ही कुछ देर टहलता भी नजर आया। रात को 8 बजे वह कुछ देर लेटा, लेकिन थोड़ी देर बाद ही उठकर बैठ गया। बताते हैं कि रात को 11 बजे बाद तक उसे नींद नहीं आई थी और करवटें बदल रहा था।