फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीजीआई चंडीगढ़ में देश की पहली डीएसए लैब स्थापित, पशुओं पर दवा के ट्रायल में होगी आसानी

Tue, 17 Nov 2020 09:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
पीजीआई चंडीगढ़। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

पीजीआई के रेडियो डायग्नोसिस और इमेजिंग डिपार्टमेंट में डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) लैब की स्थापना की गई है। पीजीआई का दावा है कि देश में अपनी तरह की यह पहली लैब है। इससे पशुओं पर रिसर्च करने में आसानी होगी। विभाग प्रमुख प्रो. एमएस संधु ने बताया है कि इस लैब के माध्यम से नई दवाओं का ट्रायल पशुओं पर करने में आसानी होगी। बाद में इसी दवा का उपयोग मनुष्यों पर किया जाएगा।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि डीएसए मशीन एक डिजिटल एक्सरे एमिटंग मशीन है। इसकी मदद से शरीर या किसी अंग की धमनियों में रक्त प्रवाह के पैटर्न को समझना आसान होगा। इंटरवेशनल रेडियोलाजिस्ट इस मशीन का प्रयोग शरीर के विभिन्न अंगों जैसे ब्रेन, लिवर, किडनी आदि की एंजियोग्राफी करने में करते हैं। रुकी हुई धमनियों को खोलने, धमनियों के लीकेज को रोकने और सटीक कीमोथेरेपी में भी इसका उपयोग होता है। 


कोई भी दवा बाजार में लाने से पहले उसका ट्रायल जानवरों पर किया जाता है। मौजूदा समय में देश में इंटरवेशनल ट्रीटमेंट के लिए किसी नए दवा या उपकरण के परीक्षण के लिए कोई सुविधा नहीं थी। इसके लिए अमेरिका, यूरोप या ईस्ट-एशिया के देशों में परीक्षण कराकर सर्टिफिकेशन होता है।
विज्ञापन


इसकी प्रक्रिया लंबी हो जाती है, जिससे इलाज में देर होती है। इस लैब की स्थापना से इस बात की संभावना है कि कुछ हद तक यह समस्या दूर हो जाएगी। डीएसए की मदद से रोगों के निदान में सुविधा होगी। रेडियोलाजिस्टों को दूसरे संस्थानों के साथ मिल कर रिसर्च करने का मौका मिलेगा।

पीजीआई में देश की पहली डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी लैब की स्थापना होना चंडीगढ़ के लिए गौरव की बात है। इससे शोध कार्य में आसानी के साथ ही तेजी भी आएगी। अब शोध सर्टिफिकेशन के लिए हमें दूसरे देश में परीक्षण का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। -प्रो. जगतराम, निदेशक, पीजीआई चंडीगढ़

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें