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जीरकपुर: हाईवे पर अवैध सब्जी मंडी में लगी भीषण आग, 170 दुकानें जलकर राख, तबाही का मंजर

Tue, 18 Dec 2018 09:48 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जीरकपुर
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सब्जी मंडी में लगी भीषण आग
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चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर जीरकपुर में परमार पेट्रोल पंप के बैक साइड पर प्रीत कालोनी स्थित अवैध सब्जी मंडी में भीषण आग लग गई, जिसमें 170 दुकानें जलकर खाक हो गईं। सोमवार देर रात यह आग लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि करीब 170 अवैध दुकानें जलकर राख हो गईं। इस हादसे में लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि इस दौरान किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली।
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आग लगने के असल कारणों का अभी तक पता नहीं लग सका है। स्थानीय दुकानदारों की मानें तो जब आग लगी, तब सभी दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर घर जा चुके थे। आग तब बेकाबू हो गई, जब एक के बाद एक चार घरेलू सिलिंडरों में ब्लास्ट हुआ। आग लगने के करीब 2 घंटे बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका था क्योंकि आग की लपटें जीरकपुर फ्लाई ओवर तक पहुंच रही थीं।

जानकारी के मुताबिक, प्रीत कालोनी के बाहर लगी कपड़े, जूते के बाजार व सब्जी मंडी में अचानक आग भड़क उठी, जिसके बाद वहां मौजूद सैकड़ों लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। यहां पर करीब 60-70 कपड़े व जूतों की फड़ी दुकानें थीं जबकि उनके साथ ही 100 के करीब सब्जी मंडी के तिरपाल से ढकी हुई दुकानें हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ठंड होने के चलते मंडी में कोई व्यक्ति आग जलाकर हाथ सेंक रहा था कि तभी वहां आग भड़क उठी और देखते ही देखते व पूरी मंडी को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देख अफरा तफरी मच गई। फ्लाई ओवर के नीचे सोए लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया।
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सूचना के आधे घंटे बाद पहुंची दमकल विभाग की गाड़ी

सब्जी मंडी में लगी भीषण आग
जीरकपुर के स्थानीय निवासी अमनजीत सिंह ने बताया आग लगने की सूचना देने के करीब 30 मिनट के बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। दो गाड़ी भेजने के बाद डेराबस्सी के दमकल विभाग को पंचकूला की मदद लेनी पड़ी। 11.30 बजे जब पंचकूला से दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची तब आग की लपटों पर काबू पाया जा सका। डेराबस्सी समेत आसपास के दमकल केंद्रों से करीब आधा दर्जन के करीब फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग लगने की सूचना के बाद जीरकपुर थाना प्रभारी पूरी टीम समेत मौके पर आ डटे रहे और उन्होंने आसपास मौजूद भीड़ को खदेड़ा।

जीरकपुर, पीरमुछसला, ढकोली, सहित कई ग्रामीण इलाके ऐसे हैं, जहां 300 से अधिक हाईराइज इमारतें बनी हैं। इसमें 3 से 19 मंजिल तक बिल्डिंगों का निर्माण किया जा रहा है। अगर इन बिल्डिंगों में आग लग जाये तो हाइड्रोलिक लैडर की जरुरत पड़ेगी। डेराबस्सी के पास हाइड्रोलिक लैडर नहीं है। मोहाली से आते आते करीब 45 मिनट समय लग जायेगा। जीरकपुर की जाम में फंसे तो दो घंटा मानकर चलो। तब तक पूरी बिल्डिंग तबाह हो जायेगीं        

तंग गलियां भी चुनौती
बलटाना, हरमिलापनगर, बिशनपुरा, लौहगढ़, सहित आधा दर्जन ग्रामीण इलाके दमकल विभाग के लिए बड़ी चुनौती हैं। बिना किसी योजना के बनाई गई कॉलोनियों में अधिकतर 8 से 10 फुट ही चौड़ी सड़कें हैं। कई जगह तो गालियां आधे में बंद हो जाती हैं, ऐसे जगहों पर आग लग जाए तो दमकल विभाग की गाड़ी कैसे पहुंचेगी।
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