फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेराबस्सी: पेपर मिल में आग, करोड़ों का कच्चा माल खाक, 10 घंटे बाद बुझी और एक झुलसा

Wed, 27 Feb 2019 10:14 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेराबस्सी(पंजाब)
विज्ञापन
पेपर मिल में आग
विज्ञापन
डेराबस्सी में मुबारिकपुर-रामगढ़ सड़क पर स्थित विशाल पेपर मिल में लगी भयानक आग पर 10 घंटे बाद काबू पाया जा सका, वहीं करोड़ों रुपये का कच्चा माल जलकर राख हो गया। पंजाब और हरियाणा से आईं 25 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब 150 चक्कर मारकर 10 घंटे में आग पर काबू पाया। खबर लिखे जाने तक आग सुलग रही थी, जिसको फायर ब्रिगेड के कर्मचारी काबू पाने में जुटे थे। आग पर काबू पाते हुए फायर ब्रिगेड का एक कर्मचारी भी मामूली झुलस गया व डेराबस्सी फायर स्टेशन की एक गाड़ी की सायरन वाली लाइट आग की लपटों में आने के कारण क्षतिग्रस्त हो गई।
विज्ञापन


गत्ता बनाने वाली पेपर मिल में आज सुबह साढ़े तीन बजे शार्ट सर्किट से खुले में पड़े कच्चे माल को अचानक आग लग गई। तेज हवा के कारण कुछ मिनट में आग ने करीब ढाई एकड़ में पड़ा कच्चा माल अपनी चपेट में ले लिया। डेराबस्सी फायर ब्रिगेड को सूचना मिलने के बाद तकरीबन सवा चार बजे चार गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग को काबू पाने में जुट गई थीं। आग भयानक होने से पंजाब व हरियाणा के अन्य शहरों जिनमें मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, सरहिंद, लुधियाना, नाभा, पटियाला, रोपड़, गोबिंदगढ़, राजपुरा और खन्ना से तकरीबन 25 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के सैकड़ों कर्मी आग पर काबू पाने में जुट गए।

फायर ब्रिगेड की ओर से बार-बार आग पर काबू पाने के बावजूद तेज हवा से आग फिर से सुलग जाती थी। जिसको काबू करने में फायर कर्मियों को भारी दिक्कत आईं। दूसरी ओर पेपर के नीचे पानी न जाने के कारण आग पर काबू पाने में काफी परेशानी आई। पानी को नीचे पहुंचाने के लिए जेसीबी मशीन की मदद के साथ पेपर को एक तरफ हटाने के कारण फिर से आग भड़क जाती थी। दोपहर साढ़े बारह बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। वैसे खबर लिखे जाने तक आग बार-बार फिर से सुलग रही थी।
विज्ञापन

हवा के रुख ने बचाई पेपर मिल

इस दौरान पेपर मिल के करीब 120 कर्मी वहां काम कर रहे थे। हालांकि हवा दूसरे तरफ होने के कारण जानी नुकसान से बचाव रहा। हवा बाहर की तरफ होने से आग पेपर मिल की तरफ नहीं गई। इस कारण अंदर काम कर रहे कर्मी बच गए। यदि हवा फैक्टरी की तरफ होती तो अंदर काम कर रहे कर्मचारियों और अंदर पड़ा तैयार माल और मशीनरी भी लपेट में आ सकते था। आग के कारण बाहर पड़ा सारा कच्चा माल जलकर राख हो गया।

पेपर मिल में पांच साल में दूसरी बार लगी आग
फायर ब्रिगेड़ के अनुसार कंपनी में आज से करीब पांच साल पहले एक बार आग लगी थी। वह इतनी भयानक नहीं थी। उस समय कुछ घंटों में आग पर काबू पा लिया था।

आग पर काबू करते कर्मी झुलसा
आग इतनी भयानक थी कि उसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। आग के कारण स्थानीय रिहायशी क्षेत्र में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों की छतों से लपटों देख कर सहमे हुए थे। आग इतनी तेज थी कि एक फायरमैन जगदीश कुमार झुलस गया। इसके अलावा आग पर काबू पाने में स्थानीय डेराबस्सी फायर स्टेशन की गाड़ी की सायरन वाली लाइट भी क्षतिग्रस्त हो गई।
विज्ञापन

ट्रांसफार्मर सड़ने के कारण बेकार हुआ फायर सिस्टम

आग के साथ पेपर मिल में बिजली सप्लाई करने के लिए लगाया ट्रांसफार्मर जल गया, जिस कारण कंपनी का फायर सिस्टम फेल हो गया। कंपनी के कर्मियों ने अपने स्तर पर आग पर काबू पाने का यत्न किया, लेकिन आग तेज होने के कारण और फायर सिस्टम न चलने कारण वे नाकाम रहे। इसकी पुष्टि फायर अफसर मनजीत सिंह ने की है। डेराबस्सी फायर अफसर मनजीत सिंह ने कहा कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि आग बिजली के शार्ट सर्किट के कारण लगी है। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास आग पर काबू पाने के लिए पूरे प्रबंध थे, लेकिन ट्रांसफार्मर सड़ने के कारण फायर सिस्टम जवाब दे गया। फायर ब्रिगेड की समझदारी के साथ आग पेपर मिल के अंदर नहीं पहुंची। इस कारण तैयार माल आग की लपेट में आने कारण बच गया।

डेराबस्सी पेपर मिल में लगी आग से बलटाना-ढकोली भी प्रभावित
डेराबस्सी के मुबारिकपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित पेपर मिल में लगी आग का असर जीरकपुर में भी देखने को मिला। तेज हवाओं की वजह से पेपर मिल की राख उड़कर बलटाना और ढकोली आ पहुंची, जिस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ढकोली के रहने वाले चंद्रमा मिश्रा ने बताया कि मंगलवार सुबह सैर करने नेचर पार्क पहुंचे तो अंदर घास पर राख की सफेद चादर बनी हुई थी। इसे देख वह घबरा गए और बाद में जानकारी मिली कि पेपर मिल के अंदर लगी आग से उड़कर यह राख आई है। इसी तरह, बलटाना के दीपक भाटिया ने बताया कि उनको भी ऐसी ही परेशानी का सामना करना पड़ा। क्योंकि छत पर कपड़े सूखने के लिए रखे हुए थे, जो राख की वजह से खराब हो गए। कालोनी के अंदर रहने वाले बुजुर्गों को सांस लेने में जैसी तकलीफों का सामना करना पड़ा।

आग में करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। नुकसान का असली अंदाजा जांच के बाद ही सामने आएगा। आग के कारण कोई भी फैक्ट्री कर्मी घायल नहीं हुआ।
- अंकित गुप्ता, पेपर मिल के मालिक
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें