फैक्टरी के अंदर गद्दी तैयार करने के लिए कॉटन और केमिकल पड़ा था। फैक्टरी की ऊपर वाली मंजिल में कैमिकल में आग लग गई। देखते ही देखते आग फैल गई। फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिलते ही फैक्टरी वर्कर बाहर की तरफ भागे। किसी ने इसकी जानकारी फायर ब्रिगेड को दी और आग पर काबू पाया गया।
क्या कहते हैं फायर ब्रिगेड अधिकारी
फायर अफसर सृष्टि शर्मा ने बताया कि सुबह 11 बजे के करीब सूचना मिली तो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत पहुंच गई। लेकिन आग ज्यादा होने के कारण सभी स्टेशनों से गाड़ियां मंगवाई गई। पांच घंटे तक आग पर काबू पाने के लिए पानी की 45 के करीब गाड़ियां लगी है। उन्होंने कहा कि कांट्रेक्ट पर फायर विभाग में काम करने वाले कर्मचारी हरिंदर और सुरिंदर फैक्टरी के बाहर बने एक शेड से आग पर काबू पा रहे थे।
इसी दौरान शेड से पैर फिसल गया और शेड के साथ दोनों मुलाजिम भी नीचे गिर गए। वहां मौजूद सभी लोगों ने गिरे शेड को पीछे कर दोनों मुलाजिमों को बाहर निकाला और पास के निजी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचाया। फायर अफसर सृष्टि ने बताया कि फैक्टरी के अंदर कोई फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं है। इसकी रिपोर्ट बना अधिकारियों को दे दी जाएगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।