वाइल्ड लाइफ की ओर से एसपीसीए के डॉक्टरों को फोन कर उन्हें मौके पर बुलाया गया। जब वे पहुंचे तो उन्हें कोई नहीं मिला। वे एसपीसीए वापस लौटे तो वहां पर वाइल्ड लाइफ कर्मचारी बारहसिंघा के साथ मिल गए। जब जांच की तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।
मौत का कारण
वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों और एसपीसीए के डॉक्टरों ने बताया कि बाहरसिंघा के मुंह से खून निकल रहा था। शरीर में तीन जगह चोट के निशान थे। पसलियां भी टूटी थीं। एसपीसीए के डॉक्टरों का कहना है कि उसकी मौत का कारण सदमा भी हो सकता है। वह करीब डेढ़ घंटे तक इंसानी बस्ती में रहा है। इनका दिल काफी कमजोर होता है।
यह भी संभावना जताई जा रही है कि सुबह के वक्त धुंध काफी थी। बाहरसिंघा लोगों को देखकर सड़कों पर इधर-उधर तेजी से भाग रहा था। संभव है कि वह किसी वाहन से टकराया हो। इस वजह से उसे चोट आई हों।
सेक्टर-2 के आसपास से आने की संभावना
वाइल्ड लाइफ को सबसे पहले लोकेशन लेजरवैली की मिली। संभावना जताई जा रही है कि वह सेक्टर-2 के आसपास से लेजरवैली में दाखिल हुआ है। रॉक गार्डन के आसपास बने जंगलों में काफी संख्या में सांभर और बारहसिंघा हैं। संभव है कि वहां के जंगलों से वह शहर की ओर दाखिल हुआ हो।
डिपार्टमेंट के पास जैसे ही कॉल आई है, कर्मचारी तुरंत स्पॉट पर पहुंच गए। जब उसे पकड़ा गया तो उसके शरीर में तीन जगह चोटें थीं। पसलियां भी टूटी थीं। उसके मुंह से ब्लड भी आ रहा था। शायद वह किसी वाहन से टकराया हो। मैंने खुद उसे चेक किया। -डॉ. अब्दुल कय्यूम, उप वन सरंक्षक, वाइल्ड लाइफ