इसके बाद घर में आग लग गई। आग की चपेट में आने से वे बुरी तरह झुलस गए। विस्फोट की आवाज और चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने चारों को जगाधरी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बुजुर्ग समेत बच्चों की हालात बेहद गंभीर बताई जा रही है। जबकि बच्चों की मां सोनिया खतरे से बाहर है।
दीवाली पर बेचने के लिए रखे थे पटाखे
घटना के बाद पड़ोसियों ने सूचना संजय को दी। लेकिन संजय घर न आकर सीधे अस्पताल चला गया। पड़ोसियों से पूछताछ और पुलिस जांच में सामने आया कि संजय ने दीपावली पर बेचने के लिए पटाखे रखे थे। वहीं पिछले साल के भी कुछ पटाखे बचे थे। वे सब साथ रखे थे।
सभी पटाखों में लगती आग तो मचती तबाही
संजय के घर में करीब छह लाख रुपये के पटाखे रखे हुए थे। यह पटाखे दो कमरों में भरे थे। इन पटाखों में इतना विस्फोटक था कि यदि यह दग जाते तो दो गलियों में तबाही बच जाती। गनीमत यह रही कि आग सभी पटाखों को चपेट में नहीं ले सकी। जिस कारण भयावह हादसा होते होते टल गया।
दमकल ने जलते पटाखों पर की पानी की बौछार
आग दरवाजे, खिड़कियों और अन्य सामान को चपेट में ले चुकी थी। वहीं घर में रखे कपड़े भी दहक रहे थे। दमकल ने पहुंचते ही पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया। आग ऊपर से तो शांत हो गई थी लेकिन पूरा घर किसी आग के गोले की तरह दहक रहा था। ऐसे में दमकल ने पटाखों पर पानी की बौछार की। इस दौरान दमकल की दो गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया।
आग और पटाखों में विस्फोक की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। भारी लापरवाही के कारण हुए इस हादसे में दो बच्चे और दो महिलाएं झुलस गई हैं। इसमें आरोपी संजय के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इसके लिए टीम का गठन किया गया है। -पूर्ण सिंह, प्रभारी, थाना शहर जगाधरी।