मामले की सूचना पर दो दमकल और एक एचपीटीटीएल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर मैन नितिन, देवेंद्र, नवीन, अमरजीत समेत अन्य कर्मियों ने मोर्चा संभाला और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। साथ ही बिल्डिंग के अंदर से करीब 5/6 लोगों को बाहर सुरक्षित निकाला गया।
फायर ब्रिगेड के अनुसार, आग की घटना के बाद धुआं तीनों मंजिल पर भर गया। वहां से बाहर निकलने का सिर्फ एक रास्ता था। बिल्डिंग में धुआं भरने की वजह से बैंक कर्मचारी हिमांशु ने तीसरी से दूसरी मंजिल पर छलांग लगा दी, जिससे वह घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हालांकि बाद में इलाज बाद छुट्टी दे दी गई।
उधर, जांच में पता चला है कि बिल्डिंग में आग लगने पर कोई सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। सुरक्षा के नाम पर वहां आग बुझाने में इस्तेमाल होने वाले अग्निशमन पर एक्सपायरी डेट थी जबकि अन्य अग्निशमन यंत्र पर कोई तारीख भी नहीं थी।
छत के दरवाजे पर लगा था ताला
बिल्डिंग के बाहर आने का सिर्फ एक रास्ता है जबकि छत के दरवाजा पर ताला जड़ा हुआ था। ऐसे में अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता तो इसका कौन जिम्मेदार होता। यह बड़ा सवाल है। आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को जानी नुकसान नहीं हुआ।
आग लगने की सूचना पर पहुंचे फायर कर्मियों ने कुछ लोगों को रेस्क्यू कर उन्हें बाहर सुरक्षित निकाल लिया। अग्निशमन यंत्र की भी जांच की जाएगी। -जगतार सिंह संधू, फायर अफसर, सेक्टर-17