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राज्यसभा चुनाव विवादः चुनाव आयोग की शिकायत पर FIR दर्ज, ये था मामला

Fri, 30 Sep 2016 11:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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राज्यसभा चुनाव जीतने का जश्न मनाते हुए सुभाष चंद्रा - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। चुनाव आयोग की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है। मामले में चंडीगढ़ के सेक्टर 3 स्थित पुलिस स्टेशन में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने हरियाणा के डिप्टी चीफ इलेक्टोरल अफसर की शिकायत पर केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा- 129, 134, 136 (1)(बी), 136 (1)(एफ) तथा 136 (1)(जी) के तहत केस दर्ज किया  हैं। साथ ही, भादंसं की धारा-120बी, 171सी, 171 एफ, 378, 379, 415, 425, 426, 464, 465, 467 तथा 468 भी लगाई गई है। यूटी पुलिस के डीआईजी एएस चीमा ने बताया कि उन्होंने भी मामले की जांच कर पांच पेज की रिपोर्ट यूटी प्रशासन को सौंपी थी।

जांच में पाया था कि  वोटिंग  के दौरान नंबर 94 से लेकर 106 तक पेन या दूसरी स्याही इस्तेमाल की गई थी। 106 के बाद फिर से पुरानी स्याही या पेन का इस्तेमाल किया गया था। मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और अब पूरे दस्तावेज जांच केलिए मंगवाए जाएंगे।
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रद्द किए गए थे 12 विधायकों के वोट

आर के आनंद और सुभाष चंद्र - फोटो : amar ujala
जानकारी के अनुसार 11 जून को राज्यसभा चुनावों के दौरान 12 विधायकों के वोट गलत पेन और अलग स्याही का इस्तेमाल किए जाने के कारण रद्द हो गए थे। इसके बाद भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे इनेलो व कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार आरके आंनद ने चुनावों में धांधली के आरोप लगाए थे।

उन्होंने इस मामले में पहले हरियाणा चुनाव आयोग को शिकायत की और इसके बाद वे मामले को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग के पास भी गए थे। आनंद द्वारा सेक्टर-3 पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत भी दी गई थी।चुनाव आयोग ने पूरे मामले की पड़ताल के बाद यह माना है कि चुनाव में लापरवाही बरती गई। धांधली की आशंका से भी आयोग ने इंकार नहीं किया है।

चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में यह भी कहा है कि इस मामले में रिटर्निंग आफिसर (आरओ) ने अपनी ड्यूटी सही से नहीं निभाई। लापरवाही बरती गई। आरओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए सरकार को लिखा गया है। आयोग ने अपने आदेशों में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला द्वारा मतदान केंद्र में दूसरा पेन होने का मुद्दा उठाने का भी जिक्र किया है। आदेशों में चुनाव की वीडियोग्राफी का भी हवाला दिया गया है।
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ऐसे हुए थे चुनाव और जीते ​थे सुभाष चंद्रा

राज्यसभा चुनाव जीतने का जश्न मनाते हुए सुभाष चंद्रा - फोटो : अमर उजाला
याद रहे कि राज्यसभा की दो सीटों के लिए हरियाणा में 11 जून को मतदान हुआ था। विधानसभा के सभी नब्बे सदस्यों (विधायकों) ने मतदान में हिस्सा लिया था। इसी दिन शाम को जब चुनावी नतीजे घोषित किए गए तो पहली सीट पर भाजपा उम्मीदवाद व केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह ने जीत हासिल की और दूसरी सीट से भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा चुनाव जीते। कुल 14 वोट रद्द होने की वजह से चंद्रा ने बाजी मारी।

इनमें 12 वोट अलग स्याही की वजह से तथा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की बैलेट पेपर खाली छोड़ने और रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा कांग्रेस विधायक किरण चौधरी को वोट दिखाने की वजह से उनके वोट रद्द कर दिए गए थे। चुनाव में बीरेंद्र सिंह को कुल 26, सुभाष चंद्रा को 29 और आरके आनंद को 21 वोट मिले थे। सुभाष चंद्रा अब राज्यसभा सांसद के तौर पर पद एवं गोपनीयता की शपथ भी ग्रहण कर चुके हैं।
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