माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। नगर निगम की अनुमति के बिना शहर में केबल डालने पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। संयुक्त आयुक्त सौरभ अरोड़ा ने निगम के कर्मचारियों से कहा है कि जिन ठेकेदारों ने समय सीमा के अंदर अपना किराया जमा नहीं कराया है, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करें।
संयुक्त आयुक्त ने केबल ऑपरेटरों को लेकर बुधवार को रोड डिवीजन के सभी एक्सईएन के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि किराया न देने वाले ठेकेदारों की सूची तैयार की जाए। जिन ठेकेदारों ने निगम से अनुमति ले ली है, उनकी केबल पर हर 50 मीटर पर ऑपरेटर का नाम अंकित होना चाहिए ताकि पता चल सके कि केबल किस ठेकेदार की है। बिजली के पोल, ग्रीन बेल्ट, पार्क व संस्थाओं की बिल्डिंग के बीच से केबल निकालने की अनुमति अब नहीं दी जाएगी। बैठक में तय किया गया कि केबल सड़क किनारे से 6 फुट की दूरी पर और भूमि से 12 फुट की गहराई पर ही बिछाई जाएगी। केबल ऑपरेटर नेटवर्क लाइन के माध्यम से इंटरनेट सेवाएं नहीं दे सकते हैं। ऐसा करते पाए जाने पर निगम 10 हजार का चालान करेगा। मानकों के अनुसार काम न करने वाले केबल ऑपरेटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।