उपभोक्ता आयोग ने इलाज में लापरवाही बरतने के कारण चंडीगढ़ पीजीआई पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। शहर के पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) को भुक्तभोगी के परिजनों को यह राशि देनी होगी। नेशनल कंज्यूमर डिस्पुट्स रिड्रेसल कमीशन (एनसीडीआरसी) ने राज्य आयोग के फैसले को बरकरार रखते हुए यह आदेश दिया। पीजीआई में चंडीगढ़ निवासी जसविंदर कुमार के पैर का दो बार ऑपरेशन हुआ था और इसके बाद भी पैर ठीक नहीं हो पाया था।
एनसीडीआरसी ने कहा, पीजीआई चिकित्सा के क्षेत्र में सम्माननीय नाम है और इस तरह के संस्थान से उम्मीद की जाती है कि वे मरीजों की जांच में अधिक सजग रहेंगे। पीजीआई के चिकित्सकों से मरीजों के ऊपर अधिक ध्यान देने की उम्मीद की जाती है।
आयोग ने इसके अलावा पीजीआई को इस मामले की आंतरिक जांच के भी निर्देश दिए ताकि लापरवाही करने वाले का पता चल सके और उन्हें निलंबित किया जाए। पीजीआई ने जिला फोरम के फैसले को राज्य आयोग द्वारा बरकरार रखे जाने के खिलाफ एनसीडीआरसी में अपील की थी।