पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा।
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आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा है कि चन्नी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। घड़ियाली आंसू उनके दाग नहीं धो सकते। अगर उन्हें वास्तव में एससी-एसटी विद्यार्थियों की परवाह होती तो वे उनकी छात्रवृत्ति के पैसे का गबन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते। अब जब वह अपने भ्रष्टाचार का परिणाम भुगत रहे हैं तो वह केवल लोगों की सहानुभूति चाहते हैं।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए चीमा ने चन्नी से सवाल किया कि अगर उन्हें वास्तव में गरीबों की परवाह है तो जब अवैध शराब से 128 लोगों की मौत हुई थी तब वह चुप क्यों रहे? चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह हनी के पास बरामद करोड़ों रुपये कहां से आए थे, यह पैसा किसका था? चन्नी ने एससी स्कॉलरशिप के पैसे चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की? चीमा ने कहा कि अकाली-भाजपा और कांग्रेस के शासन में पंजाब में भ्रष्टाचार चरम पर था और लोगों को किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला। कांग्रेस ने हमेशा एससी, एसटी व बीसी लोगों को अपने वोट के लिए इस्तेमाल किया, उन्हें गुमराह किया और 70 साल तक केवल उनका शोषण किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस ने मतदाताओं को लुभाने के लिए चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का पहला एससी मुख्यमंत्री बनाया। चन्नी ने विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से कुछ दिन पहले ही सभी योजनाओं की शुरुआत की। यह एससी लोगों के प्रति उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। कांग्रेस के शासन के दौरान उनके मंत्रियों ने एससी छात्रवृत्ति के 64 करोड़ रुपये हड़प लिए लेकिन चन्नी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद भी किसी भ्रष्ट मंत्री या अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
श्री गुरु रविदास अध्ययन केंद्र को चेक जारी किए जाने के बारे में चीमा ने कहा कि चन्नी ने आचार संहिता से कुछ दिन पहले ही यह चेक जारी किया था, क्योंकि उनकी कभी अध्ययन केंद्र बनाने की मंशा ही नहीं थी। मान सरकार ने बिना किसी स्वार्थ के वह चेक डेरा बल्लां प्रमुख को सौंप दिया है।