अमेरिका और उसके मित्र देशों द्वारा किए गए अत्याचारों की बर्बर दास्तां और इराकी जनता का दर्द 'द लास्ट सैल्यूट' में देखने को मिला।
फिल्म निर्माता महेश भट्ट के नाटक ‘द लास्ट सैल्यूट’ का मंचन अरविंद गौड़ के निर्देशन में टैगोर थिएटर चंडीगढ़ में शनिवार को हुआ। इस मौके पर खुद महेश भट्ट भी पहुंचे और उन्होंने नाटक से पहले कलाकारों के साथ स्टेज पर अपनी उपस्थिती दर्ज कराई।
नाटक में बॉलीवुड के उभरते कलाकार इमरान जाहिद ने उस इराकी पत्रकार मुंतजर अल जैदी की भूमिका निभाई, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश पर जूता फेंक इराक में अमेरिकी सेनाओं के अत्याचार का विरोध जताया था।
नाटक में दिखाया गया कि किस तरह से अमेरिकी व उसके मित्र देशों की सेना इराक में तानाशाह राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के शासन के खात्मे के लिए पहुंचती है। लेकिन असल में वह तानाशाह का अंत नहीं, बल्कि अपनी तानाशाही वहां की जनता पर थोपती है।
नाटक में अभिनय करने वाले कलाकारों ने भी इराकी जनता की संवेदना प्रकट की। अमेरिकी सेना के हमले में बेमौत मरने वालों के दृश्यों ने आडिटोरियम में बैठे लोगों को झकझोर कर रख दिया। यह नाटक वर्ष 2003 में इराक युद्ध पर इसी नाम से लिखी गई पुस्तक का रूपांतरण है, जिसका निर्माण महेश भट्ट ने किया जबकि इसकी पटकथा राजेश कुमार ने लिखी है।
इन कलाकारों ने किया अभिनय- इमरान जाहिद ने इराकी पत्रकार मुंतजर अल जैदी, इश्वक सिंह ने जार्ज डब्ल्यू बुश दिनेश, मयंक, गुरजीत, नेहा, इकता ने सुरक्षा कर्मी और शिल्पी ने मुंतजर अल जैदी की गर्लफ्रेंड का किरदान निभाया।