उज्ज दरिया का जलस्तर बढ़ने से कई गुर्जर समुदाय के कई डेरे पानी की चपेट में आए हैं, हालांकि किसी तरह के नुकसान की बात सामने नहीं आई पर दरिया किनारों पर बसे दर्जनों गुर्जर परिवारों ने डेरे खाली कर दिए हैं, मवेशियों और परिवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। डीसी ने लोगों को दरिया किनारे से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
डीसी रामबीर ने बताया कि उज्ज दरिया का जलस्तर 98 हजार क्यूसिक पर पहुंच गया था जो बाद दोपहर घट कर 72 हजार क्यूसिक रह गया, वहीं चक्की दरिया का जलस्तर 70 हजार क्यूसिक था जो अब 48 हजार क्यूसिक बचा है, अगर बरसात न हुई तो पानी घटने की संभावना है। प्रशासनिक टीमें बांध और दरियाओं के जलस्तर पर नजर बनाए हैं।
दूसरे दिन भी खुले रहे भाखड़ा डैम के फ्लड गेट
हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों ओर पंजाब में लगातार हो रही बारिश के चलते भाखड़ा डैम में लगातार भारी मात्रा में पानी की आमद दर्ज की जा रही है। इसके चलते शनिवार को दूसरे दिन भी भाखड़ा डैम के फ्लड गेट खुले रहे। सतलुज दरिया के किनारे स्थित कई गांवों के खेतों में पानी घुसने से फसल बरबाद हो गई और एलग्रां से बेलाध्यनी की और जाने वाली संपर्क सड़क भी पानी की भेंट चढ़ गई जिससे कुछ गांवों का संपर्क आपस में कट गया।
बीबीएमबी द्वारा दर्शाए गए आंकड़ों के अनुसार शनिवार को डैम में विभिन्न स्रोतों से आने वाले पानी की आमद 57,867 क्यूसेक दर्ज की गई जिससे भाखड़ा डैम का जल स्तर 1674.61 फुट तक जा पहुंचा। भाखड़ा डैम से टरबाइनों के माध्यम से 45100 क्यूसेक पानी छोड़ कर 337 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया जबकि फ्लड गेट के माध्यम से 19 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
नंगल से निकलने वाली नंगल हाइडल नहर में 12500 क्यूसेक, श्री आनंदपुर साहिब हाइडल में 10150 जबकि नंगल डैम से सतलुज दरिया की तरफ 30 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे उपमंडल नंगल और श्री आनंदपुर साहिब के अधीन सतलुज दरिया के किनारे आते विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं।