धनतेरस पर लोगों ने जमकर खरीददारी की, मगर बाजार में अतिक्रमण और फैली अव्यवस्था के चलते उन्हें काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।
हैरत की बात तो यह है कि रेलवे फाटक के निकट आहलूवालिया चौक पर बैरिकेड तो लगे हुए थे, लेकिन लोग उसकी परवाह किए बिना ही थ्री व्हीलर और कार सहित अन्य चौपहिया वाहन बाजार में ले गए, जिस कारण बाजार में सारा दिन जाम की स्थिति बनी रही।
उल्लेखनीय है कि बाजार में अतिक्रमण की समस्या पिछले लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही का फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। यदि इन पर उचित कार्रवाई की जाए, तो फिर बाजार में हालात बदले नजर आएं। शहर की शास्त्री मार्केट, गोशाला बाजार, पालिका बाजार, मोहन नगर तथा अन्य जगहों पर ग्राहकों की भीड़ भी वाहन चालकों के लिए चुनौती बनी रही। स्थिति ये रही कि वाहन चालकों को सफर तय करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी और जैसे-तैसे करके इधर-उधर से वाहन निकाले।
इस दौरान कला प्रेमियों तथा धर्म के प्रति आस्था रखने वाले लोगाें ने अपने-अपने पूज्य देवी-देवताओं की मूर्तियां तथा कैलेंडर खरीदे। सर्राफा दुकानों में मां लक्ष्मी, गणेश जी की मूर्तियों के साथ-साथ देवी-देवताओं के चांदी के सिक्के भी आकर्षण का केंद्र रहे और ग्राहकों ने बड़े ही श्रद्धाभाव से इनकी खरीददारी की।
पिहोवा में हुई खूब खरीददारी और लगा रहा जाम
धनतेरस के मौके पर लोगों ने बाजारों में जी भरकर खरीददारी की। लोगों की भीड़ अधिक होने से वहां भी जाम की स्थिति बनी रही। त्योहार का दिन होने के कारण बाजार में दुकानों के सामने वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, जिस कारण यातायात बाधित हुआ। पैदल चलने में भी लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। दुकानदारों ने अपनी दुकान के बाहर सड़क तक टेंट लगाकर सामान को सजाया हुआ था, जिस कारण बाजार में जाम की स्थिति बनी हुई थी।