कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी का दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय भी अब हाईटैक हो गया है। ऑनलाइन आवेदन फार्म व शुल्क जमा कराने की योजना को अमलीजामा पहनाकर उसे शुरू कर दिया गया है। काफी पहले से तैयार की गई इस योजना को आरंभ कर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने विभिन्न राज्यों के हजारों विद्यार्थियों को दीपावली का तोहफा दिया है।
इससे पहले छात्र-छात्राएं कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी आने के लिए विवश होते थे, लेकिन अब उन्हें इससे छुटकारा मिल गया। दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. आरके शर्मा के अनुसार योजना तो बहुत पहले तैयार कर ली थी, जोकि अब शुरू कर दी गई है।
एचडीएफसी और आईसीआईसीआई से हुआ कांट्रेक्ट
निदेशालय निदेशक प्रोफेसर आरके शर्मा ने बताया कि बच्चों को यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दो बैंकों से कांट्रेक्ट किया गया है। दूरवर्ती से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी किसी भी जिला के एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक शाखा में जाकर सीधा शुल्क जमा करा सकते हैं। उन्हें फीस जमा कराने के लिए कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी आने की आवश्यकता नहीं है। उनके मुताबिक सबसे अधिक समय बैंक में फीस जमा कराने के लिए लगता है, जिसे मद्देनजर निदेशालय द्वारा यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि बच्चें डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अपना शुल्क जमा करा सकते हैं।
इस तरह होंगे ऑनलाइन फार्म जमा
प्रोफेसर आरके शर्मा ने बताया कि सबसे पहले बच्चे को दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय द्वारा वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट डीडीईकेयूके डॉट एसी डॉट इन पर जाना होगा और फिर एडमिशन ऑप्शन चूज कर संबंधित पाठ्यक्रम का आवेदन फार्म भरना पडे़गा। इस तरह ऑनलाइन ही कोर्स का फार्म जमा हो जाएगा और उसका शुल्क भी।
अप्रैल 2014 में दी गई थी यह सुविधा
प्रदेश के हजारों विद्यार्थी अपडेट रहें, इसके लिए कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय द्वारा वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट डीडीईकेयूके डॉट एसी डॉट इन लांच की थी, जिस पर एडमिशन, प्रोसपैक्ट्स, फीस, परीक्षा, एग्जाम सेंटर और अन्य जरूरी नोटिस की जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा एक्जाम नोटिस, सीटिंग प्लान, विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल, काउंसिलिंग, एडमिशन लिस्ट, इंटरनल एसेसमेंट, परीक्षा परिणाम, पीसीपी शेड्यूल और पीसीपी कक्षाओं के सेंटर सहित डीडीई कैलेंडर आदि की जानकारी भी इस पर मौजूद हैैं।
हजारों विद्यार्थी कर रहे हैं शिक्षा प्राप्त
रेगुलर शिक्षा ग्रहण न करने वाले विद्यार्थियों के लिए कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी का दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय वरदान की तरह है, जिसके जरिए न केवल हरियाणा, बल्कि हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, चंडीगढ़ और पंजाब के हजारों विद्यार्थी अपनी शिक्षा जारी रखे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के माध्यम से बीए, एमए सहित करीब 36 पाठ्यक्रमों के लगभग 28 हजार विद्यार्थी एनरोल हैं।
साल 1976 में शुरू हुआ था पत्राचार से शिक्षा का क्रम
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पत्राचार से शिक्षा देने का क्रम साल 1976 में आरंभ हुआ था। पहले यह सुविधा केवल स्नातक करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध थी, लेकिन समय बीतने के साथ-साथ इसका विस्तार भी हुआ। 400 विद्यार्थियों से शुरू हुआ यह सिलसिला 38 साल बीतने पर करीब 28 हजार विद्यार्थियों तक पहुुंच गया है और अब 36 पाठ्यक्रमों की शिक्षा इसके माध्यम से दी जा रही है।