विद्यर्थियों के एक लंबे संघर्ष और सीनेटर्स के दबाव के आगे आखिरकार पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन को झुकना पड़ा। रविवार सुबह दस बजे से लेकर रात करीब पौने नौ बजे तक चली पीयू सीनेट की मैराथन मीटिंग के दौरान विभिन्न कोर्सों में बढ़ाई बेतहाशा फीसवृद्धि के फैसले को वापस ले लिया गया। सीनेट ने फीसवृद्धि के अपने पहले प्रस्ताव को छात्र हित में वापस लेकर नया प्रस्ताव पारित कर दिया।
नए प्रस्ताव के मुताबिक पीयू अथॉरिटी अब विभिन्न कोर्सों में न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम दस प्रतिशत फीस ही बढ़ाएगी। इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी अपनी आय के स्रोत और किस तरीके से बढ़ाए, इस बारे में पीयू प्रशासन विचार करेगा।
बैठक में सीनेटर्स ने यह बात भी एकजुटता से उठाई कि पीयू प्रशासन अपने अनावश्यक खर्च कम करे और बजट का गलत फ्लो होने से रोके ताकि पीयू का आर्थिक संकट भविष्य में बढ़ता न जाए।