Students, cops clash at Panjab University
छात्र अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। पुलिस की बर्बरता से छात्रों में आक्रोश है। मंगलवार की घटना के लिए पीयू प्रशासन जिम्मेवार है।
-हरमनदीप, प्रेस सचिव, स्टूडेंट फॉर सोसाइटी
छात्र फीस वृद्धि के खिलाफ शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। छात्र आंदोलन को हिंसक बनाना नहीं चाहते थे।
-करण रंधावा, कैंपस प्रेसिडेंट, स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया
पीयू में जो भी हुआ वह बेहद शर्मनाक था। पुलिस ने जानबूझकर छात्राें को निशाना बनाकर आंदोलन को उग्र करने को मजबूर किया।
- नवदीप पम्बी, कैंपस प्रेसिडेंट, एनएसयूआई
एबीवीपी भी फीस वृद्धि को लेकर प्रदर्शन कर रही है। प्रशासन को इस विवाद को निपटाना चाहिए। हिंसा गलत है।
-हरमनजोत सिंह, मेंबर, सेंट्रल वर्किंग कमेटी, एबीवीपी
पुलिस की कार्रवाई बर्बरतापूर्ण थी। छात्रों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
-निशांत कौशल, प्रेसिडेंट, पीयू स्टूडेंट काउंसिल
छात्रों पर लाठीचार्ज करवाकर प्रशासन ने यह बता दिया है कि छात्रों की मांग उनके लिए कोई मायने नहीं रखती है। छात्र तो सिर्फ वीसी से मिलकर अपना मांगपत्र रखना चाहते थे।
-सौरभ महाजन, प्रेसिडेंट, पीयूएसयू ईवनिंग
वीसी बोले, गुमराह हुआ आंदोलन
Students, cops clash at Panjab University
फीस वृद्धि के खिलाफ छात्र आंदोलन कर रहे हैं तो क्या गलत क्या है। हिंसा छात्रों ने शुरू नहीं की।
-बलिंद्र सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी, अंबेदकर स्टूडेंट एसोसिएशन
फीस वृद्धि से माहौल ऐसा बनाया जा रहा है कि आम छात्र इस यूनिवर्सिटी से ही दूर हो जाए, ये एक बड़ी साजिश है। छात्र कभी भी हिंसा नहीं चाहते।
-अश्वनी शर्मा, प्रेसिडेंट, हिमाचल स्टूडेंट यूनियन-
फीस वृद्धि को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश है। छात्रों का आंदोलन पूरी तरह जायज है और वे उनके समर्थन में है।
-नवी खेमकर, पीयू छात्र
फीस वृद्धि पूरी तरह से रोलबैक हो, जब तक ऐसा नहीं होगा, इस तरह का आंदोलन चलता रहेगा। वे छात्रों के संघर्ष केसाथ है और उनके आंदोलन को पूरा समर्थन देते हैं।
-अमनदीप, पीयू छात्र
फीस वृद्धि को लेकर पीयू के आला अफसर मंथन कर रहे हैं। हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं है। पीयू छात्रों के हक में फैसला लेगा।
-प्रोफेसर अमरीक सिंह, पीयू, बॉटनी विभाग-
वीसी बोले, गुमराह हुआ आंदोलन
पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अरुण ग्रोवर ने इस आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब गुमराह हो चुका है। वीसी ने कहा कि फीस वृद्धि आंदोलन की आड़ में छात्र नेता अब अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं। उनके अनुसार जब छात्रों को आश्वस्त किया जा चुका है कि फीस वृद्धि पर दोबारा मंथन के लिए कमेटी का गठन हो चुका है और पीयू भी इस पर गंभीर है, तो मेरे ख्याल से ऐसे आंदोलनों की जरूरत ही नहीं है। उनके अनुसार यूनिवर्सिटी छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर ही अपना फैसला लेगी।