चंडीगढ़। जीएमएसएच- 16 के नर्सिंग ऑफिसर ओमप्रकाश लगातार 4 महीने से अस्पताल के कोविड आइसोलेशन में ड्यूटी दे रहे हैं। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की देखभाल का जिम्मा उनके ऊपर है। ड्यूटी के दौरान वह लगातार 8 घंटे तक पीपीई किट पहनकर मरीजों की देखभाल करते हैं। ओमप्रकाश का कहना है कि पीपीई किट में घुटन और घबराहट होती है। लगातार 8 घंटे तक बिना पानी पिये ड्यूटी करना होता है। उस दौरान शौचालय भी नहीं जा सकते। लेकिन मरीजों की स्थिति देखकर वह अपनी परेशानी भूल जाते हैं।
ओमप्रकाश का परिवार राजस्थान में है। पिता रिटायर टीचर और एक बहन राजस्थान पुलिस में तैनात हैं। चंडीगढ़ में ओम प्रकाश अकेले अपने घर और हॉस्पिटल की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ओमप्रकाश का कहना है कि उनके माता पिता और पत्नी सुशीला दिनभर में कई बार उनका हाल चाल लेते हैं। पत्नी उन्हें समझाती है कि परिवार की जिम्मेदारी को दरकिनार कर ईमानदारी से अपनी ड्यूटी को कीजिए। ओमप्रकाश ने बताया कि सुशीला माता पिता के साथ ही पूरे घर की जिम्मेदारी संभाल रही है। परिवार के सहयोग के बल पर ही वह कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी के मरीजों के बीच सुरक्षित रहकर ड्यूटी कर पा रहे हैं।
बॉक्स
कैसे तोड़ सकते हैं लोगों का विश्वास ओमप्रकाश ने बताया कि शुरुआती दौर में जब कोविड वार्ड में ड्यूटी लगने की जानकारी हुई, तब वह और उनके परिवार के लोग डर गए थे। लेकिन फिर उन्हें अपनी ड्यूटी और ड्यूटी से जुड़े संकल्प की याद आई। ओमप्रकाश का कहना है कि अगर बीमारी और मरीजों से डॉक्टर और नर्सिंग ऑफिसर ही डर जाएंगे तो फिर बीमारी का इलाज कैसे होगा। इसलिए मैंने हिम्मत कर ड्यूटी ज्वाइन की। धीरे धीरे मरीजों के बीच में काम करते हुए सारा डर दूर हो गया । ओमप्रकाश ने बताया कि 4 महीनों से लगातार कोरोना के मरीजों के बीच ड्यूटी करने के बावजूद भी संक्रमित ना होने के पीछे की मुख्य वजह बचाव के मानकों का सावधानीपूर्वक पालन करना है। इसके साथ ही नर्सिंग इंचार्ज सिस्टर कैलाश और नर्सिंग ऑफिसर परमिंदरजीत थिंड उनको पूरा सहयोग देती हैं।