पिंजौर-नालागढ़ रोड पर स्थित गांव गोरखनाथ में बुधवार सुबह छेड़छाड़ के विरोध पर सौतेले पिता ने अपनी दो बेटियों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी जबकि सबसे छोटी बेटी ने खुद को बाथरूम में बंद कर अपनी जान बचाई। वारदात के समय बच्चियों की मां दुकान पर तंबाकू लेने गई थी। जब वह दुकान से वापस लौटी तो दोनों बेटियां खून से लथपथ पड़ी हुई थीं जबकि वारदात को अंजाम देकर सौतेला पिता मौके से फरार हो गया था। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और दुकानदार मौके पर पहुंचे।
वारदात स्थल से कुछ दूर ही पीसीआर के पुलिसकर्मी भी खड़े थे लेकिन समय रहते उन्हें वारदात की भनक नहीं लगी। ग्रामीणों की सूचना पर पीसीआर ने पुलिस कंट्रोल रूम को वारदात की सूचना दी। दोहरे हत्याकांड की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। थाना मड़ा वालां के एसएचओ समेत एसीपी, सीआईए टीम समेत डीसीपी कमलदीप गोयल भी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। दोनों बहनों को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद उनकी मौत की पुष्टि कर दी।
फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने मौके की बारीकी से जांच कर नमूने जुटाए। साथ ही मौका-ए-वारदात की फोटोग्राफी भी करवाई गई। थाना मड़ा वालां पुलिस ने आरोपी सौतेले पिता हबीब शाह पर हत्या समेत पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे देर शाम गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर वारदात में इस्तेमाल चाकू और खून से सने कपड़े बरामद करने के प्रयास में है। वारदात के बाद आरोपी खून से सने कपड़ों में ही फरार हुआ था। उधर, वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
बता दें कि पंचकूला जिले में बीते तीन दिन में बेटियों की बेरहमी से हत्या की यह दूसरी वारदात है। इससे पहले बीते सोमवार को सेक्टर-14 थाना क्षेत्र में एक युवक ने कंजक पूजन के बहाने पांच वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद पत्थर पर सिर पटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्यारोपी हबीब शाह (54) मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर के गांव भाखर नगर का रहने वाला है और यहां पिंजौर के गांव गोरखनाथ में किराए के मकान में रहता है और सब्जी बेचने का काम करता है।
मृतकों की पहचान छोटी बेटी शिफा (18) और बड़ी बेटी आशिया (22) के रूप में हुई है। आरोपी ने पूरी वारदात को 10 मिनट में अंजाम दे डाला।
मां बोली- मैं गई थी गांव, बेटियों को अकेले पाकर की छेड़खानी
शिकायतकर्ता और पीड़ित मां ने पुलिस को बताया कि वह बीती 12 मई को छोटे बेटे के साथ अपने गांव गई थीं और 14 मई (मंगलवार) शाम करीब 6 बजे वापस गोरखनाथ स्थित घर लौटीं। इस बीच 13 मई की रात करीब साढ़े 8 बजे बच्चियों को अकेला पाकर हबीब ने सबसे छोटी बेटी से छेड़खानी की।
ऐसे में सबसे छोटी बेटी ने अपनी दोनों बड़ी बहनों आशिया और शिफा को पिता की करतूत बताई। इस पर दोनों बहनों ने विरोध जताया, जिस पर उनका हबीब से झगड़ा हुआ। मंगलवार को भी जब उसकी दोनों बड़ी बेटियां कंपनी में काम खत्म कर घर लौटीं तो हबीब ने उनसे गाली गलौच और मारपीट की।
फिर बुधवार को सुबह-सुबह वह उसकी बेटियों के कमरे में जाकर उनसे बहस करने लगा। इस कारण बेटी शिफा गैलरी में आ गई लेकिन कमरे से अचानक उसने आशिया के चीखने की आवाज सुनी तो वह दौड़कर कमरे में गई। इस दौरान हबीब उन्हें मारने के लिए दौड़ा और शिफा और आशिया पर चाकू से वार कर उनकी हत्या कर दी। इस दौरान उनकी सबसे छोटी बेटी ने खुद को बाथरूम में बंद कर अपनी जान बचाई।
‘बीमारी से पति की मौत के बाद पांच बच्चों की परवरिश के लिए की दूसरी शादी’
महिला ने बताया कि वह जिस किराए के मकान में रहती हैं, उसमें दो कमरे हैं। एक कमरे में वह पति हबीब और छोटे बेटे के साथ सोती थीं जबकि दूसरे कमरे में उनकी तीनों बेटियां एकसाथ सोती थीं। बुधवार की सुबह करीब 7 बजे पति हबीब ने उसे खाने को चावल लाकर दिए। फिर वह दुकान से तंबाकू लेने चली गई। वापस लौटीं तो छोटी बेटी शिफा को गैलरी में खून से लथपथ पड़ा देखा जबकि बड़ी बेटी आशिया (22) को कमरे में बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा पाया।
शिफा खुद को बचाती हुई गैलरी में पहुंची लेकिन सौतेले पिता ने उसे वहां भी नहीं छोड़ा। बेटियों को लहूलुहान हालत में बेसुध पड़ा देख उनकी चीख निकल गई। उन्होंने बताया कि करीब 23 साल पूर्व उनकी शादी मोमीन नामक व्यक्ति से हुई थी लेकिन शादी के करीब दस साल बाद वर्ष 2006 में पति की बीमारी से मौत हो गई। पति मोमीन से उसे पांच बच्चे थे, इनमें तीन बेटियां और दो बेटे थे। पति की मौत के बाद महिला ने बच्चों की परवरिश और सहारे के लिए वर्ष 2007 में हबीब शाह से शादी की।
करीब 9 साल तक वह पति हबीब व बच्चों समेत अपने गांव भाखर नगर में रही लेकिन बीते करीब तीन साल से कामकाज की तलाश में पंचकूला के गांव गोरखनाथ आकर किराए पर रहने लगी। हबीब इन दिनों मकान में सब्जी की दुकान चला रहा था। शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि उनके पांच बच्चों में से बड़ा बेटा मुंबई में रहकर कामकाज कर रहा है। उससे छोटी बेटी आशिया और शिफा बद्दी स्थित एक निजी कंपनी में काम करती थीं। महिला स्वयं भी एक कंपनी में काम करती है।
बताया कि छोटा बेटा (13) स्कूल जाता है और उससे बड़ी बेटी (15) घर पर रहती थी। हबीब गांव गोरखनाथ में पहले किसी अन्य मकान में किराए पर रहता था। बीते कुछ समय पहले वह उस मकान में रहने लगा, जहां उसने वारदात की।