अपनी बेटी के साथ कई साल तक दुराचार करने के आरोपी पिता को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से दोषी करार दिया गया। सजा पर फैसला वीरवार को सुनाया जाएगा।
हालांकि, पीड़िता कोर्ट में अपने बयान से पलट गई, लेकिन डिस्ट्रिक लीगल सर्विस अथॉरिटी(डीएलएसए) के पैनल एडवोकेट के बयान के आधार पर पिता को दोषी करार दिया गया।
नौ अगस्त 2013 को सेक्टर-20 थाने में मामला दर्ज और उसके बाद पीड़िता के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान भी डीएलएसए के एडवोकेट की मौजूदगी में हुए थे।
पीड़िता ने पुलिस के पास जाने से पहले डीएलएसए को ही शिकायत दी थी।
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, 19 वर्षीय युवती ने बयान दर्ज कराए थे कि वह सेक्टर 20 स्थित गांव फतेहपुर में किराए के घर पर रहती है।
सात साल पहले उसका पिता उसे छत पर ले जाकर दुराचार किया। इसके बाद धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो अच्छा नहीं होगा। इस घटना के दो महीने बाद उसने फिर दुराचार किया। उसके बाद से यह सिलसिला शुरू हो गया है।
कुछ दिनों पहले उसने यह बात अपनी मां को बताई। बेटी की मां ने अपने पति से बात की तो झगड़ा हुआ, लेकिन उसने पुलिस को इस बारे में सूचित नहीं किया।
फिर पीड़िता ने इस बात की सूचना डीएलएसए में दी। इसके बाद पैनल एडवोकेट शैलेंद्र कौर व एडवोकेट मनबीर सिंह राठी की मौजूदगी में पीड़िता ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए।
सेक्टर-20 थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया था। अब उसे कोर्ट ने दोषी करार दिया है।