बीजेपी के दफ्तर के लिए प्रशासन ने रातोंरात झुग्गी झोपड़ियां हटवा दीं और करीब सवा सौ परिवारों को बेघर कर दिया गया। भूना रोड़ पर नए रेस्ट हाऊस के साथ प्रस्तावित बीजेपी दफ्तर के लिए जमीन खाली करवाने के लिए जिला प्रशासन ने रातोंरात यहां बसे तकरीबन डेढ़ सौ परिवारों को बेघर कर दिया।
वीरवार सांय को एकाएक प्रशासनिक और पुलिस अमले के साथ पहुंचे हुडा के एस्टेट अफसर सुमित अगुवाई में रेस्ट हाऊस के साथ लगती जमीन पर बसी झुग्गी-झोपडिय़ों को हटवा दिया गया। इसी जगह पर भारतीय जनता पार्टी का जिला कार्यालय प्रस्तावित है। आमतौर पर हुडा की जमीन पर से अतिक्रमण हटवाने के लिए हुडा और नगर परिषद के जेई स्तर के अधिकारी पहुंचते हैं।
लेकिन वीरवार सांय इस काम को अंजाम देने के लिए हुडा के एस्टेट अफसर एचसीएस अधिकारी सुमित कुमार विशेष रूप से हिसार से चलकर फतेहाबाद पहुंचे और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अमन ढांडा और उनकी टीम को साथ लेकर भूना रोड़ पर उस जगह पर पहुंचे जहां झुग्गी झोपडिय़ां बसी हुई थी।
हालांकि इंसानियत दिखाते हुए नप प्रशासन ने झुग्गी झोपडिय़ों में रहने वाले लोगों को सामान ढोने के लिए दो ट्रालियां उपलब्ध करवा दी हैं।
गरीब परिवारों का आरोप, डीसी ने दिया था 15 दिन का वक्त
झुग्गी झोपड़ियां हटवाईं
यहां पर पिछले तीन-चार साल से झुग्गी झोपड़ी बनाकर रह रहे गरीब परिवारों का आरोप है कि कुछ दिन पहले उनसे मुलाकात में डीसी साहब ने उन्हें 15 का दिन समय दिया था ताकि वो अपना आशियाना कहीं और बना सकें लेकिन सात दिन बीतते ही हुडा और नगर परिषद के अधिकारियों ने एकदम से सांय को आकर कह दिया कि या तो झोपडिय़ां हटा लें अन्यथा प्रशासनिक कार्यवाही के तहत जेसीबी से हटवा दी जाएंगी। झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले राजू, लाल सिंह, कमलेश, सुनीता, राम लाल आदि ने बताया कि उनके घरों में छोटे-छोटे बच्चे हैं, ऐसे में उन्हें लेकर रात के अंधेरे में कहां जाएं।
हुडा के अधिकारी बोले, 10 दिन से रोजाना आ रहे
झुग्गी झोपडिय़ों को हटवाने के लिए विशेष तौर पर हिसार से फतेहाबाद पहुंचे हुडा के एस्टेट अधिकारी सुमित कुमार का कहना है कि उनके विभाग के अधिकारी पिछले दस दिन से रोजाना यहां पर आकर इन झुग्गी झोपड़ी वालों को जगह खाली करने के लिए कह रहे हैं। इतना ही नहीं, तीन बार औपचारिक नोटिस दिया जा चुका है। लेकिन इन लोगों ने नोटिस को गंभीरता से ना लेते हुए बार-बार टाल-मटोल कर दी। अब जब एकदम से प्रशासनिक अमला पहुंचा है तो अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं।
अपाहिज महिला का खोखा भी नहीं छोड़ा
झुग्गी झोपड़ियां हटवाईं
एक हाथ से सामान समेटती रही अपाहिज महिला भूना रोड़ पर झुग्गी झोपड़ियों के पास खोखे में सामान बेचकर अपना गुजारा चलाने वाली एक अपाहिज महिला पर भी प्रशासनिक अधिकारियों को रहम नहीं आया और नप कर्मचारियों ने सामान सहित उसका खोखा उखड़वा दिया। बाद में नप ईओ व हुडा एस्टेट अधिकारी के कहने पर उस अपाहिज महिला को भी खोखा ढोने के लिए एक बैलगाड़ी मुहैया करवाई गई।
इस दौरान एक हाथ से अपाहिज महिला अपने इकलौते हाथ से जमीन पर गिरा हुआ सामान समेटती नजर आई। जबकि झुग्गी झोपडिय़ों के अंदर का नजारा और भी मार्मिक था। यहां पर कई महिलाएं अपने बच्चों को गोद में उठाकर सामान बांधते दिखे तो कहीं पर चारपाई पर बैठे मासूमों को ये पता ही नहीं था कि आखिर उन्हें क्यों एकाएक यहां से जाना पड़ रहा है।
'इस मुद्दे को राजनीतिक ना बनाएं। हुडा ने आवेदन मांगे थे और हमनें पूरी प्रक्रिया के तहत कानूनी रूप से इस प्लाट को खरीदा है। मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है कि हुडा ने क्या कार्यवाही की है, लेकिन हुडा अपने प्लाट को खाली करवाकर ही हमें कब्जा देगा। लेकिन जिन लोगों की झुग्गी झोपड़ी हटाई गई है, उनके लिए मैं जिला कार्यकारिणी के दो-तीन पदाधिकारियों की डयूटी लगाऊंगा कि वो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इनके मकान के लिए प्रयास करें।
- वेद फुलां, बीजेपी जिलाध्यक्ष फतेहाबाद