फास्टैग को लेकर निर्धारित समयावधि समाप्त हो गई है। शनिवार-रविवार की मध्य रात से हाईवे के टोल पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। अब अगर बिना फास्टैग कार्ड के टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन से निकले तो डबल टोल देना पड़ेगा। वहीं, टोल क्रॉस करने से पहले यह जांचना भी जरूरी है कि फास्टैग रिचार्ज है या नहीं। अन्यथा खाली कार्ड पर भी डबल टोल की पेनाल्टी होगी।
टोल भुगतान की इस नई प्रणाली को टोल को कैशलेस करने की दिशा में बढ़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि टोल कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार, अंतिम तिथि तक केवल 40 प्रतिशत वाहन ही फास्टैग से लैस हुए है। ऐसे में टोल से गुजरने वाले लगभग 60 फीसदी वाहन चालक नकद में ही भुगतान करेंगे। बदली हुई व्यवस्था में नकद टोल देने वाले वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
कैश के लिए महज आठ लेन खुली
टोल प्रबंधक मनीष कुमार ने बताया की बसताड़ा टोल प्लाजा पर अप एंड डाउन की कुल 24 लेन हैं, जिनमें से 16 लेन सिर्फ फास्टैग वाहनों के लिए रखी गई है। नकद टोल भुगतान करने वाले वाहनों के लिए अप-डाउन की आठ लेन खोली गई है। वाहनों की संख्या को देखते हुए टोल की कैश लेन में जाम की स्थिति बनने की आशंका है।
पूरा दिन रही फास्टैग बनवाने को मारामारी
हाईवे पर बसताड़ा स्थित टोल प्लाजा पर फास्टैग लागू होने से एक दिन पहले वाहन मालिकों में फास्टैग बनवाने को लेकर खूब मारामारी रही। 650 से अधिक लोगों ने फास्टैग बनवाये।
शनिवार रात से टोल पर फास्ट टैग लागू कर दिया गया है। नकदी टोल टैक्स देने वालों के लिए दोनों तरफ चार चार लेन रखी गई है। लोकल वाहनों के लिए नियमानुसार छूट जारी रहेगी। दस किलोमीटर के दायरे में आने वाले वाहनों को 150 प्रतिमाह देना पड़ेगा, जबकि 20 किलोमीटर तक के वाहनों के लिए तीन सौ रुपये निर्धारित है। अप एंड डाउन की पेमेंट एक साथ करने पर मिलने वाली छूट फास्टैग में भी मिलेगी।
-मनीष कुमार, टोल प्लाजा मैनेजर बसताड़ा।