हरियाणा में सरकार कृषि कार्य के लिए पर्याप्त बिजली की आपूर्ति करेगी। कृषि कार्य के लिए प्रतिदिन 8 घंटे का शेड्यूल की व्यवस्था की गई है गांव में भी 17 से 24 घंटे तक बिजली आ रही है। बिजली कर्मचारी रोजाना 4000 शिकायतों का निपटान कर रहे हैं। बिजली वितरण कंपनियों डिस्कॉम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने तकनीकी कर्मचारियों की सराहना की है।
उनके अनुसार उपभोक्ता शिकायतों के लिए डिस्कॉम द्वारा जारी चार अंकों के नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। प्रदेश में प्रतिदिन 4000 मेगावॉट बिजली की मांग है जिसे आसानी से पूरा किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ 4463 से अधिक गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। शेष गांवों में 17 घंटे से अधिक समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। कृषि क्षेत्र को भी शेड्यूल के अनुसार 8 घंटे से अधिक बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।
ऑनलाइन बिल भरने पर 2 प्रतिशत की छूट
सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि प्रदेश के दोनों बिजली वितरण निगमों उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की ओर से बिजली उपभोक्ताओं को सभी सेवाओं के लिए ऑनलाइन सुविधा निगमों की वेबसाइटों पर उपलब्ध करवाई जा रही है। वहीं, जो बिजली उपभोक्ता 15 अप्रैल तक ऑनलाइन माध्यम से अपने बिजली बिलों की अदायगी करते हैं तो उन्हें 2 प्रतिशत की छूट देने का भी निर्णय लिया है।
कर्मचारियों की नाराजगी के बाद बिजली निगमों का यू टर्न
हरियाणा के बिजली वितरण निगमों के कर्मचारी स्वेच्छा अनुसार कोरोना राहत कोष में योगदान कर सकेंगे। कर्मचारियों की नाराजगी के बाद निगमों को वेतन से दस प्रतिशत कटौती के आदेश वापस लेने पड़े हैं। अब कर्मचारी एक ही दिन का वेतन देंगे। निगमों ने बीते महीने ही दस प्रतिशत की कटौती कर अप्रैल में मिलने वाला वेतन बना दिया था, जिसका कर्मचारियों ने सीएम मनोहर लाल को पत्र लिखकर कड़ा विरोध किया था।
सीएम के हस्तक्षेप के बाद बिजली निगमों ने वीरवार को स्वेच्छा से राहत कोष में योगदान करने को लेकर पत्र जारी कर दिया। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने 25 मार्च को सरकार को पत्र लिखकर सी व डी ग्रुप के कर्मचारियों के वेतन से एक दिन का वेतन काटने का आग्रह किया था। लेकिन, निगमों ने इस आग्रह की अनदेखी कर 25 मार्च को अधिकारियों के वेतन से बीस व सी ग्रुप के कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत कटौती करने के फरमान जारी कर दिए।
जिसका पुलिस सहित आवश्यक सेवाओं मे लगे कर्मचारियों ने विरोध किया। इसके बाद सकसं हरियाणा ने सरकार को पुन: पत्र लिखकर एक दिन का वेतन मार्च महीने के वेतन से काटने और आवश्यकता पड़े तो अगले महीने भी एक दिन का वेतन काटने का आग्रह सरकार से किया। जिस पर सरकार ने एप जारी कर सभी कर्मचारियों से इच्छा अनुसार योगदान की अपील की थी।
सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान सुभाष लांबा का कहना है कि पुलिस कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग का मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ, शहरी विभाग के कर्मचारी, विशेष तौर पर सफाई व सीवरमैन, बिजली कर्मचारी, जन स्वास्थ्य विभाग,अग्निशमन सहित सभी आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी भी कोरोना वायरस महामारी के बीच मे ही लड़ रहे हैं। इसलिए कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बिना बातचीत के एकतरफा 10 प्रतिशत कटौती का फरमान जारी करना ठीक नहीं था। उन्होंने सभी कर्मचारियों से रिलीफ फंड में दिल खोलकर मदद करने का आह्वान किया है।