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Kisan Andolan: पंजाब में किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च, डब्ल्यूटीओ के पुतले फूंके, वार्ता का दिया संकेत

Mon, 26 Feb 2024 02:38 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, पटियाला/राजपुरा/अमृतसर/लुधियाना (पंजाब)

सार

किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के साथ पांचवें दौर की वार्ता का भी संकेत दिया है। उधर, हरियाणा पुलिस ने बैरिकेडिंग हटानी शुरू कर दी है। सोमवार को कुरुक्षेत्र में जम्मू-दिल्ली नेशनल हाईवे को खोलना शुरू कर दिया गया। यहां सर्विस लेन पर सीमेंट की बैरिकेडिंग को हटा दिया गया।
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मोहाली में किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब और हरियाणा सीमा पर चल रहा किसान आंदोलन 14वें दिन में प्रवेश कर गया है। सोमवार को राज्य के विभिन्न जिलों में किसानों ने पहले ट्रैक्टर मार्च निकाला, फिर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के विरोध में प्रधानमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और कॉरपोरेट घरानों के 20 फुट ऊंचे पुतले जलाए। आबूधाबी में 26 से 29 फरवरी तक होने वाली डब्ल्यूटीओ की मीटिंग में भारत के शामिल होने के विरोध में सयुंक्त किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी में डब्ल्यूटीओ सबसे बड़ी बाधा है। दरअसल, प्रमुख कृषि निर्यातक देशों ने 2034 के आखिर तक खेती को समर्थन देने के लिए डब्ल्यूटीओ सदस्यों के अधिकारों के वैश्विक स्तर पर 50 प्रतिशत की कटौती का प्रस्ताव दिया है।

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वहीं, उन्होंने खनौरी बॉर्डर पर टकराव के दौरान मारे गए बठिंडा के युवा किसान शुभकरण को इंसाफ दिलाने की मांग करते हुए हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज और घटना के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, मोगा, कपूरथला में सैकड़ों की संख्या में किसानों ट्रैक्टरों को एक कतार में चलाकर शांतिपूर्ण ढंग से रोष प्रकट किया।

किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के साथ पांचवें दौर की वार्ता का भी संकेत दिया है। हरियाणा पुलिस ने बैरिकेडिंग हटानी शुरू कर दी है। सोमवार को कुरुक्षेत्र में जम्मू-दिल्ली नेशनल हाईवे को खोलना शुरू कर दिया गया। यहां सर्विस लेन पर सीमेंट की बैरिकेडिंग को हटा दिया गया। इसके बाद दिल्ली से चंडीगढ़ जाने की सर्विस रोड खुल गई है। इससे पहले पुलिस फतेहाबाद में भी पंजाब बॉर्डर से सटी रोड से बैरिकेडिंग हटा चुकी है।

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हरियाणा-दिल्ली के बॉर्डर सिंघु और टिकरी को भी अस्थायी तौर पर खोला जा चुका है। किसान नेता सरवन पंधेर ने शंभू बॉर्डर पर कहा कि यह अच्छा संकेत है लेकिन गारंटी कानून समेत बाकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।

आज जत्थेबंदियों की अलग-अलग बैठक, कल होगी साझा चर्चा

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष कमेटी की मंगलवार को अलग-अलग बैठक होगी। इसमें आंदोलन की आगे की रणनीति पर विचार होगा। वहीं, बुधवार को दोनों संगठनों की साझा बैठक होगी। इसके बाद 29 को आगे की रणनीति का एलान किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली कूच का कार्यक्रम 29 फरवरी तक स्थगित कर दिया है। हालांकि, शंभू और खनौरी बॉर्डर पर सभी किसान संगठनों का सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध जारी है।
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