स्वतंत्रता दिवस पर किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च।
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पूरे पंजाब और हरियाणा में आजादी की 75वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई जा रही है। हर वर्ग आज उत्सव मना रहा है। पिछले कई महीनों से केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने भी अपने अंदाज में आजादी का उत्सव मनाया। इस दौरान किसानों ने तिरंगा ट्रैक्टर परेड निकाली तो वहीं कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की बात कही।
जींद के उचाना कलां में तिरंगा ट्रैक्टर परेड
हरियाणा के उचाना कलां में किसानों ने तिरंगा ट्रैक्टर परेड का स्वतंत्रता दिवस पर आयोजन किया। इस परेड में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। खास बात यह है कि परेड का नेतृत्व महिलाओं ने की और तिरंगा भी उन्हीं ने फहराया।
अमृतसर में भी किसानों ने निकाला मार्च
उधर, पंजाब के अमृतसर में केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने अटारी-वाघा सीमा से गोल्डन गेट तक मार्च निकाला। मार्च में शामिल किसान काबिल सिंह ने कहा कि हम तीन कृषि कानूनों को निरस्त करवाना चाहते हैं। हम दिल्ली में अपना विरोध जारी रखेंगे, जब तक कि सरकार इन कानूनों को रद्द नहीं कर देती।
किसानों ने कुंडली बॉर्डर पर मनाया स्वतंत्रता दिवस
तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। कुंडली बॉर्डर पर किसानों ने भी रविवार को स्वतंत्रता दिवस मनाया। देश के पूर्व फौजियों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों ने कुंडली बॉर्डर पर किसानों द्वारा मनाए गए आजादी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
देश के पूर्व फौजियों ने कुंडली बॉर्डर परेड भी की। पूर्व फौजी विजय कुमार मिश्रा, देवेंद्र सिंह और कपिल ने कहा की आज देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। किसान यहां अपने हक की लड़ाई लड़ रहे है। यह आंदोलन जब तक जारी रहेगा जब तक ये तीनों कृषि कानून वापस नहीं हो जाते। हमारे बच्चें देश की सीमाओं से तिरंगे में लिपटकर लौट रहे है और हमारे किसान यहां से किसान झंडे में लिपटकर जा रहे है। किसान अपनी लड़ाई जीतकर ही घर जाएंगे।