डीएसपी साधूराम भी मौके पर पहुंचे और पांच-पांच किसानों को खुले दरबार में जाने की अपील की लेकिन किसान नहीं माने और धरने पर बैठे रहे। हालांकि इस दौरान किसानों और पुलिस कर्मचारियों के बीच कहासुनी भी हो गई। ऐसे में डीएसपी ने किसानों की समस्याओं और उनके धरना देने की सूचना बिजली मंत्री रणजीत सिंह को दी। करीब एक घंटे बाद बिजली मंत्री खुद किसानों से मिलने पहुंचे। करीब 15 मिनट तक बिजली मंत्री ने किसानों की समस्याएं सुनीं और हल करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान लघु सचिवालय में उपायुक्त से मिलने पहुंचे।
बिजली मंत्री ने खुद पढ़ी किसानों की मांगें, उनका समाधान भी बताया
धरने पर बैठे किसानों से मिलने पहुंचे बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने पहले किसानों का मांग पत्र लिया और इसके बाद उनकी सभी मांगों को पढ़ा। बिजली मंत्री ने मांगों को पढ़ने के साथ ही उनका समाधान भी बताया। इस दौरान किसानों ने खेतों में सिंचाई के लिए पानी, ट्यूबवेल के लिए मोटर, बिजली बिल बढ़े होने, बिजली की सप्लाई कम आने, सड़कों के बीच में खड़े बिजली के पोल हटवाने, तारों को ऊंचा करवाने समेत अन्य समस्याओं का समाधान करवाने की मांग की। बिजली मंत्री ने पराली प्रबंधन को लेकर भी नई योजना तैयार किए जाने की भी जानकारी दी और जल्द ही उसे लागू करने का आश्वासन भी दिया। पराली जलाने के मामलों में नोटिस जारी होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इस संबंध में उपायुक्त से भी बातचीत किए जाने का आश्वासन दिया ।
मंत्री बोले- मैं आपके बीच का ही हूं, कभी भी बता सकते है समस्या, करवाया जाएगा हल
बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि मैं आपके बीच का ही हूं और किसान का ही बेटा हूं। कोई भी किसान या ग्रामीण कभी भी उनको फोन कर अपनी समस्या बता सकता है और उनके आवास व खुले दरबार में पहुंचकर समस्या सुना सकता है। जिसका मौके पर ही समाधान करवाया जाएगा। इसके लिए उन्हें मुर्दाबाद और धरना देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि वह सिरसा में ही रहते है। कोई भी समस्या हो वह उनसे सीधा मिलकर उसका समाधान करवा सकते है।