इससे लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल बसों को हो रही है। उन्हें कई-कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ रहा है। एबी शुगर मिल के वाइस प्रेसिडेंट देस राज से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि दो दिन में पर्ची जारी करने का कोई वादा ही नहीं किया था। एसडीएम दसूहा ने कैसे कह दिया कि दो दिन में पर्ची जारी कर दी जाएगी। बैठक में सोमवार शाम पांच बजे मुख्यमंत्री से मिल मालिकों की बैठक के बाद कोई निर्णय करने की बात कही थी।
मिल मैनेजमेंट के रवैए से एक बात तो स्पष्ट है कि निकट भविष्य में मिल चलने की कोई संभावना नहीं है। अब सवाल यह उठता है कि एसडीएम दसूहा ने तीन दिन पहले प्रेस नोट जारी करते हुए मिल की ओर से दो दिन में पर्ची जारी करने की बात झूठ कही थी या मिल मैनेजमेंट अपने वादे से मुकर रही थी। बिगड़ रही स्थिति को देखते मिल प्रबंधन ने मिल के लिंक रोड प्रवेश गेट पर ताला लगा दिया है और मिल के अंदर भी पुलिस तैनात कर दी गई। किसानों ने रंधावा लिंक रोड पर भी 15-20 ट्रालियां लगाकर रोड बंद कर दिया है।
एसडीएम दसूहा हरचरन का कहना है कि अगर अब मिल प्रबंधक ऐसा कह रहे हैं तो सीएम से बैठक के बाद भी देख लेते हैं। धरने में जगवीर सिंह चौहान, झुंझार सिंह केशोपुर, रंजीत सिंह बाजवा, अमरजीत सिंह कुलार, हरसुलिंदर सिंह अध्यक्ष दोआबा कमेटी जालंधर, अवतार चीमा, दविंदर छांगला, जरनैल सिंह कुराला, सतपाल मिर्जापुर, मुकेश चंद्र, सरपंच गुरप्रीत सिंह बुद्धोबरकत, बलवीर सोहियां, कमल सोहिया मौजूद थे।
उधर, बटाला में माझा किसान संघर्ष कमेटी ने सोमवार को गांव हरचोवाल की बजाय श्री हरगोबिंदपुर- टांडा रोड पर दोनो तरफ से गन्ने की ट्रालियां लगाकर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते मांगें पूरी करने की आवाज बुलंद की। धरने के कारण यातायात प्रभावित रहा और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा ।
सोमवार को सुबह किसानों हरचोवाल चौक से धरना उठाकर श्री हरगोबिंदपुर-टांडा रोड पर जाम लगा दिया गया। धरने में गुरदासपुर के आसपास के इलाके के किसान शामिल हुए। धरने पर बैठे किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखते ही देखते गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। सूबे की 9 जत्थेबंदिया माझा किसान संघर्ष कमेटी को समर्थन का एलान कर चुकी हैं।
इसके बाद भी सरकार खामोश है। किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। दूसरी तरफ, बिना सर्दी की परवाह किए किसान भी धरने पर डटे हुए हैं। श्री हरगोबिंदपुर-टांडा रोड से रोजाना हजारों की गिनती में लोग सफर करते हैं और इस रोड से मंत्रियों का आवागमन भी होता है। यह रोड श्री हरगोबिंदपुर, बटाला, घुमान, कादियां, हरचोवाल को जोड़ता है।
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि चड्ढा शुगर मिल पिछले 5 महीने से सील है। किसानों को अपना गन्ना मिल में लेकर जाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकतर किसान नवंबर महीने में अपना गन्ना मिलों में ले जाते हैं। गन्ने वाले खेत में गेहूं की बिजाई की जाती है। सरकारी मिलें पिछले महीनों से चालू हो गई हैं। चड्ढा शुगर मिल अभी तक चालू नहीं की गई। वह मिल को चालू करवाकर ही दम लेंगे और तब तक उनका धरना जारी रहेगा।