किसान बोले- जान भी देनी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे
इस दौरान डीडीपीओ व किसानों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही। किसान कह रहे थे कि हम कभी भी जमीन नहीं छोड़ेंगे लेकिन प्रशासन कह रहा था कि यह जमीन पंचायत विभाग की है। आपको छोड़नी पड़ेगी। इस दौरान किसानों व प्रशासन के बीच काफी बहस हुई। जब प्रशासन ने खेतों में दखल देने की कोशिश की तो किसानों ने प्रशासन को खेतों में खूब दौड़ाया। उनको चेतावनी दी कि अगर वह हमारे खेतों में दखल देंगे तो पहले उन्हें (किसानों) मौत के घाट उतारना पड़ेगा।
किसान संघर्ष कमेटी के जिला प्रधान परमजीत सिंह बाऊपुर, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जोन सुल्तानपुर लोधी के प्रधान शेर सिंह महीवाल, सरपंच सुखविंदर सिंह जोहल ने कहा कि इन जमीनों को उनके पूर्वजों ने काफी मेहनत से बसाया था। अगर उन्हें अपनी जान भी देनी पड़ती है तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा कि पहले ये जमीनें बंजर होती थी, जिसको किसानों ने खेती योग्य बनाया है। उस समय किसानों ने बाकायदा सरकार को इन जमीनों के पैसे भी जमा करवाए थे लेकिन अब सरकार गुंडागर्दी पर उतर आई है।
किसानों को बेघर देखना चाहते हैं मुख्यमंत्री
किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री व पंचायत मंत्री किसानों को बेघर देखना चाहते हैं लेकिन किसान जत्थेबंदियां इस तरह कभी भी नहीं होने देंगी। प्रशासन ने भविष्य में सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र में जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की तो किसान इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। इस मौके पुष्पेंद्र सिंह, प्रेस सचिव सरबजीत सिंह, बाबा लखा सिंह, मेजर सिंह, मलकीत सिंह, सुखदेव सिंह, जसवीर सिंह, मुख्त्यार सिंह, भजन सिंह, हरजिंदर सिंह, हरदीप सिंह, सतनाम सिंह, गुरसेवक सिंह, सुखवंत सिंह, लखविंदर कौर, सुरिंदर कौर, हरजिंदर कौर, दलजीत कौर, गुरमीत कौर, दलजीत कौर, मनजीत सिंह, सविंदर कौर, बलविंदर कौर, चरणजीत कौर, गुरमीत कौर व बड़ी संख्या में किसान नेता मौजूद रहे।