मुल्लांपुर बैरियर पर पेंडू संघर्ष कमेटी के महासचिव गुरप्रीत सिंह सोमल ने बताया कि बाबा साधु सिंह, बाबा गुरदियाल सिंह, दलजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह ग्रेवाल, चंडीगढ़ पंजाबी मंच के महासचिव देवी दयाल शर्मा, नौजवान एकता मंच से अमन, गुरिंदर सिंह चीमा, सर्वजीत फिरोजपुर, जगदीप सिंह कंसाला मौजूद रहे। रायपुरकलां के निवासी शरणजीत सिंह ने बताया कि मौलीजागरां लाइट प्वाइंट पर गांव रायपुरकलां, मक्खनमाजरा, बहलाना, रायपुरखुर्द, हल्लोमाजरा, मौली, विकास नगर और बलटाना के लोग शामिल रहे।
मुल्लांपुर के पास किसानों ने किया रोड जाम।
बाजारों और गांव में नहीं दिखा बंद का असर
बाजारों और गांव में बंद का असर नहीं दिखा। किसानों के समर्थकों ने दुकानदारों को बंद में शामिल होने की अपील की थी। उनका कहना था कि जो लोग अपनी दुकानें बंद करना चाहें वे करें, जिसे नहीं बंद करना उसके साथ कोई जबरदस्ती नहीं होगी। बाजारों में भी लगभग सभी दुकानें खुली थीं। हालांकि इस दौरान ग्राहकों की संख्या गिनी चुनी थी।
किसानों के समर्थन में वकीलों ने बंद रखा काम
सेक्टर- 43 जिला अदालत के वकीलों ने भी शुक्रवार को काम बंद रखा। अदालत में प्रवेश के सभी गेट बंद रहे। वकीलों ने किसी को अंदर प्रवेश करने नहीं दिया। इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन के प्रधान भाग सिंह ने कहा कि ये कानून किसानों के हितों में नहीं हैं। इसलिए सरकार को इन्हें रदद् कर देना चाहिए।
वकील रविंदर सिंह बस्सी ने कहा कि सरकार के तीनों कानूनों में कुछ भी ऐसा नहीं है जिससे किसानों को फायदा हो। सरकार किसानों को तीनों कानूनों के बारे में बताने में असफल रही है। यदि इनमें कुछ फायदे वाला होता तो सरकार समझा पाती। उन्होंने कहा कि सरकार को कानून वापस लेने चाहिए ताकि किसान घर लौट सकें। भारत के किसान आंदोलन का स्पेन में फायदा हो गया। स्पेन सरकार ने किसानों को एमएसपी देने का एलान किया है। केंद्र सरकार इतने किसानों के शहीद होने पर भी जिद पर अड़ी है, यह काफी शर्मनाक स्थिति है।
पंचकूला में हाईवे जाम...लोगों ने झेली मुसीबत
उधर, पंचकूला में कृषि कानूनों के विरोध में हाईवे पर बंद का असर नजर आया। हालांकि शहर में बाजार और व्यापारिक संस्थान खुले रहे। कालका, पिंजौर, मोरनी और रायपुररानी में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर किसानों को अपना समर्थन दिया। पंचकूला सेक्टर-5 बस स्टैंड से लंबी दूरी और स्थानीय बसों का परिचालन बंद रहा।
चंडीगढ़ में दिखा बंद का असर।
किसानों ने चंडीमंदिर और पंचकूला यमुनानगर हाईवे स्थित नंगला टोल प्लाजा को बंद कर प्रदर्शन किया। किसानों ने पंचकूला-यमुनानगर और जीरकपुर-कालका-शिमला हाईवे को पूरी तरह बंद रखा। इस कारण जाम की स्थिति बन गई। बसों का चक्का जाम होने से विद्यार्थी और नौकरीपेशा को बहुत परेशानी हुई। उधर, पुलिस ने हाईवे पर एक हजार जवान तैनात किए थे। जवानों ने हाईवे पर आने वाले वाहनों को जगह-जगह से डायवर्ट कर दिया था।
सेना के वाहनों को दिया रास्ता
टोल प्लाजा पर उस समय माहौल काफी भावुकतापूर्ण हो गया जब सेना के जवानों के वाहन टोल प्लाजा पर पहुंचे। किसानों ने सेना के जवानों को सम्मानपूर्वक रास्ता देकर जय जवान-जय किसान के नारे लगाए। इस पर सभी फौजी भाइयों ने किसानों का धन्यवाद किया।
नयागांव में भी दिखा भारत बंद का असर
किसान आंदोलन के समर्थन भारत बंद का असर नयागांव में भी पूर्ण रूप से देखने को मिला। संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सुबह-सुबह किसानों ने मुख्य बाजार में मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मार्च निकाला। चंडीगढ़ से आने वाले मुख्य मार्ग पर गुरुद्वारा श्री बड़ साहिब के गेट के सामने किसानों ने प्रदर्शन किया। इसके चलते नयागांव आने-जाने वालों को परेशान होना पड़ा। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस भी मुस्तैद रही। पुलिस ने मुख्य बाजार में फ्लैग मार्च निकालकर किसानों से शांतमयी प्रदर्शन करने की अपील की।