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सड़क पर पांच हजार किसान, बठिंडा-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग जाम, जहाज से सेना की भी नजर

Fri, 26 Jul 2019 09:17 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बठिंडा (पंजाब)
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किसानों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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पांच हजार से अधिक किसानों ने शुक्रवार को बठिंडा चंडीगढ़ नेशनल हाईवे को गांव भुच्चो खुर्द के पास जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी किसान खुदकुशी मामले में दो आरोपी आढ़तियों को गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को बीस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। इस राज्य स्तरीय धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई।

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भारतीय किसान यूनियन के नेता शिंगारा सिंह मान ने बताया कि भुच्चो मंडी के दो आढ़तियों ने किसान मनजीत सिंह को खुदकुशी के लिए मजबूर किया था। किसान मनजीत ने जान दे दी। उसके बाद पुलिस ने आरोपी आढ़तियों अशोक कुमार और दलीप कुमार के खिलाफ 14 जून को केस दर्ज कर लिया था लेकिन पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।

मान ने बताया कि पुलिस किसान यूनियन को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आश्वासन देती रही और दूसरी तरफ किसानों के साथ धोखा करते हुए आरोपियों को निर्दोष बताते हुए अदालत में 22 जुलाई को मामले की क्लोजर एवं कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी।
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किसान नेता ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर और पुलिस की ओर से किसानों के साथ की गई धोखाधड़ी से ही आज किसानों को हाईवे जाम करना पड़ा। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक किसानों का धरना जारी रहेगा।

तीन किलोमीटर तक किसानों का जाम

किसान का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
बठिंडा चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर तीन किलोमीटर तक किसानों का लंबा जाम लगने से बठिंडा से चंडीगढ़ और चंडीगढ़, पटियाला, संगरूर, बरनाला से बठिंडा आने वाले वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने किसानों के धरने को देखते हुए पूरे रोड पर बैरिकेड लगा दिए थे लेकिन ट्रैफिक डायवर्ट नहीं किया था। वाहन चालक खुद लोगों से रास्ता पूछकर अपनी मंजिल तक पहुंचने को मजबूर हुए।

सुरक्षा के लिहाज से सेना रख रही नजर
2019 में पहली बार नेशनल हाईवे पर लगे इतने बडे़ किसानों के धरने को लेकर बठिंडा कैंट के अधिकारी हरकत में आ गए। सुरक्षा के लिहाज से सेना ने अपने जहाज के जरिए किसानों के धरने पर नजर रखी। इस दौरान आसमान में सेना के जहाज उड़ते देखे गए।

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी : आईजी
बठिंडा चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर गांव भुच्चो खुर्द के पास लगाए गए धरने को आईजी एमएफ फारूकी के आश्वासन के बाद किसानों ने समाप्त कर दिया। आईजी एमएफ फारूकी ने डीएसपी सिटी गुरजीत सिंह रोमाणा को धरना स्थल पर भेज किसानों को आश्वासन दिलाया।
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- फोटो : अमर उजाला
किसान नेता शिंगारा सिंह मान ने बताया कि आईजी ने किसानों को आश्वासन दिलाया है कि जल्द ही दोनों आरोपी आढ़तियों की गिरफ्तारी की जाएगी और पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता की जाएगी। 

आईजी एमएफ फारूकी का कहना था कि किसानों में उक्त मामले को लेकर जो पुलिस के प्रति गलतफहमी थी, वो किसानों के साथ बैठक कर दूर कर दी गई है। किसान खुदकुशी मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

छह घंटे तक चला किसानों का धरना
शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे किसानों ने बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया था। आईजी फारूकी के आश्वासन के बाद छह घंटे बाद धरना उठाया गया।

किसानों की ओर से लगाए गए धरने को लेकर मिनी सचिवालय एवं शहर के रोड पर पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी थी, ताकि किसान मिनी सचिवालय तक न पहुंच पाए। जैसे ही किसानों ने बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर धरना लगाया तो पुलिस प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली लेकिन पुलिस प्रशासन ने शहर की मेन जगहों पर पुलिस को धरना समाप्त होने तक स्टैंड बाय रखा।
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