वहीं, किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि संघर्ष कमेटी ने सिर्फ मालगाड़ियां चलाने की इजाजत दी है। जबरदस्ती पैसेंजर ट्रेनें चलाने पर कमेटी के किसान गाड़ियां रोकेंगे। संघर्ष कमेटी अपना रेल रोको आंदोलन जारी रखेगी। कमेटी का आंदोलन शनिवार को 59वें जारी रहा।
पंधेर ने कहा कि कैप्टन सरकार पंजाब में रेत माफिया, शराब माफिया और ट्रांसपोर्ट माफिया पर नकेल डालकर सरकारी खजाना भरकर पंजाब की आर्थिक स्थिति सुधार सकती है। पंजाब सरकार ने पिछले चार साल में पंजाब में हो रही रेत, शराब की कालाबाजारी पर नकेल नहीं कसी। अब कैप्टन सरकार किसान संगठनों से कह रही है कि पैसेंजर ट्रेनें चलने दें। ऐसा कर कैप्टन केंद्र सरकार को खुश कर सकते हैं, किसानों को नहीं।
सरकार किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में दखल नहीं देगी : कैप्टन
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में दखल नहीं देगी। यह उनका प्रजातांत्रिक हक है और इसी ने केंद्र को कृषि कानूनों पर फिर से विचार करने पर मजबूर किया है। कैप्टन ने कहा कि हमें मिलकर पंजाब के हितों की रक्षा करनी पड़ेगी। वहीं, किसान संगठनों के रेल ट्रैक से हटने का फैसले का स्वागत करते हुए पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ ने राज्य और किसानों के हित में सभी पार्टियों को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम पंजाब को जलने नहीं देंगे, हम भाजपा को ग्रामीण-शहरी या धार्मिक रास्ते पर बांटने नहीं देंगे।